शान ठाकुर, पेटलावद
जनपद पंचायत पेटलावद की ग्राम पंचायत बाछीखेड़ा में प्रस्तावित पुलिया निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही भुगतान किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने पंचायत पर निर्माण कार्य किए बिना ही आधी राशि निकालने, फर्जी जियोटैगिंग कराने और अनियमित भुगतान कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।
मामले की शिकायत सामने आने के बाद जनपद पंचायत सीईओ ने जांच कराने की बात कही है। ग्रामीणों के अनुसार बाछीखेड़ा से बावड़ी मार्ग पर एक पुलिया का निर्माण होना है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि मौके पर अब तक निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ, जबकि पंचायत द्वारा लाखो रुपये की राशि का भुगतान निकाल लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि न तो निर्माण सामग्री मौके पर पहुंची और न ही किसी प्रकार का कार्य कराया गया, इसके बावजूद भुगतान कर दिया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौके पर सरपंच के बजाय उनके पति सचिव के साथ पहुंचे और निर्माण कार्य की जियोटैगिंग कराकर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर ली। उनका कहना है कि बिना कार्य किए फर्जी बिलों के आधार पर राशि निकाली गई है, जिससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है।

वही मामले में जब ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि एवं सरपंच पति दिनेश मेड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पेमेंट निकाल सकते हैं, पेमेंट निकालना कोई गलत बात नहीं है। काम शुरू किया जाएगा। वहीं तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मांगीलाल गरवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले भुगतान निकाला गया है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ तो भुगतान किस आधार पर किया गया। उनका आरोप है कि पंचायत ने नियमों को दरकिनार कर राशि निकाल ली और सरकारी धन के दुरुपयोग का प्रयास किया गया। पुलिया नहीं बनने से आज भी लोगों को इस मार्ग से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

