लोहित झामर, मेघनगर फुटतालाब में भीषण गर्मी के बावजूद लोगों की अस्थाये शुक्रवार को शीतल जल की असंख्य बूंदो की तरह भक्ति रस में डूबी दिखाई दी l श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर पर पँडित कमल किशोर नागर के मुखारबिंद से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार को पँडित नागर जी को सुनने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचे….श्रद्धालुओं की संख्या इतनी बढ़ गई की पंडाल छोटा नजर आने लगा l ॐ नमो भगवते वासुदेवायः के मंत्र के साथ शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा के प्रारंभ में पंडित श्री कमल किशोर नागर जी ने पुष्य वर्षा कर श्री व्यास पीठ की पूजा अर्चना की तत्पश्चात आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेश चंद्र पूरणमल जैन युवा समाज सेवी राजेश रिंकू जैन और उनके परिवार ने संत श्री नागर जी का अभिनंदन और स्वागत कर उनसे आशीर्वाद लिया l कथा का श्रवण करने के लिए विशेष रूप से कांग्रेस सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद कांतिलाल भूरिया भाजपा के प्रवक्ता कलसिह भाबर वर्तमान भाजपा साँसद अनीता नागर सिंह चौहान भी विशेष रूप से कथा सुनने के लिए पहुँचे….अपनी कथा में पंडित श्री कमल किशोर नागर जी ने कहा कथा में यजमान का महत्व है यजमान के सामने यमराज भी नहीं आते उन्होंने कहा यजमान रेल के इंजन की तरह है और कथा सुनने वाले लोग उस रेल के डिब्बे में बैठे यात्री की तरह है कथा का यजमान भले ही एक व्यक्ति हो लेकिन लाभ कथा सुनने वालों को भी मिलता है उन्होंने कहा कि जो लोग अच्छे कार्य करते हैं हमेशा उन्हीं के पास बैठना चाहिए ऐसे लोगों के पास बैठने से ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग सुगम हो जाता है जितना जीवन चला गया वह चला गया लेकिन अब जो बचा है उसका महत्व समझो बचा हुआ जीवन महत्वपूर्ण है यह जीवन भक्ति में लगाना चाहिए l कितना भी धन कमाओ धन कमाने से कुछ नहीं होगा लेकिन भजन करेंगे तो उसका फल जरुर मिलेगा जीवन में सिर्फ भजन ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग है भोजन की तरह भजन भी जरूरी है तुलसीदास जी ने जन्म लेते ही सीताराम कहा उद्धव जी ने जन्म लेते ही श्रीराधेश्याम कहा और भक्त नरसिंह का भी जब जन्म हुआ उन्होंने ओम नमो भगवते वासुदेवायः का जप शुरू किया जन्म से ही भगवान की भक्ति में लग जाना चाहिये l उन्होंने अपने भजनों म्हारो कई तू करेगा यमराज गुरु म्हारो समर्थ है जीवन पछतावा है जैसे भजनों को गा कर श्रद्धालुओं को कथा और सत्संग श्रवण का महत्व समझाया उन्होंने कहा कि जीवन में हमारे ऊपर किसी महापुरुष और ईश्वर का हाथ होना चाहिए यह तभी संभव होगा जब हम उनकी छाया में रहेंगे ईश्वर की भक्ति करेंगे…. कथा में पहुँचे पेसेनर्स एसोसिएशन के विद्या राम जी शर्मा और नवल सिंह नायक और साथियों के साथ वैश्य महासम्मेलन के विनोद बाफना और साथियों ने पँडित श्रीनागर जी का अभिनंदन किया…. पंडित श्री नगर ने भोजशाला को लेकर फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह माँ शारदा की जीत है और अब यहां पर सिर्फ माँ वाग देवी की ही पूजा होगी….मध्य प्रदेश के यशस्वी समाजसेवी सुरेश चंद्र पूरणमल जैन ने नगर जिले और प्रदेश के साथ-साथ गुजरात और राजस्थान के श्रद्धालुओं से कथा में आने का विनम्र आग्रह किया है। Post navigation कलियुग में माता-पिता का दर्शन ही भगवान का दर्शन है – पं. कमल किशोर नागर अंतर्राष्ट्रीय हिंदू महासंघ ने अभिनंदन जैन को बनाया मध्य प्रदेश प्रदेश उपाध्यक्ष