जितेंद्र वर्मा, झाबुआ मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील क्षेत्र में अल्पवर्षा से फसलों को हुए नुकसान और अघोषित बिजली कटौती की समस्या को लेकर किसानों एवं ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद की है। इन समस्याओं को लेकर 12 अक्टूबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जोबट को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261012-WA0007.mp4 *अल्पवर्षा से फसलें प्रभावित, किसानों ने मांगी राहत* किसानों ने ज्ञापन में बताया कि बारिश की कमी के कारण मक्का, सोयाबीन, उड़द और कपास जैसी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। खेती में लगाई गई लागत निकालना मुश्किल हो रहा है, वहीं बैंक ऋण और कृषि खर्च की चिंता भी बढ़ रही है। किसानों ने आलीराजपुर जिले, विशेषकर जोबट क्षेत्र में बारिश और फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराने तथा नियमानुसार सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। *कर्ज माफी और मुआवजे की मांग* किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सहित कृषि ऋण माफ करने, फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत पात्रतानुसार राहत राशि देने की मांग उठाई। इसके अलावा कृषि बिजली बिलों में राहत देने, ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने तथा पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था करने की मांग भी की गई। *भीलखेड़ी में शाम 6 बजे बिजली कटौती से परेशानी* इसी दौरान ग्राम भीलखेड़ी में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 7 से 8 दिनों से शाम करीब 6 बजे बिजली बंद हो रही है। इससे महिलाओं को घरेलू कामकाज करने और विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर खेतों में मजदूरी करने के बाद शाम को घर लौटने पर बिजली नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। अंधेरे में सांप-बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। *ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल* ग्रामीणों ने जोबट नगर और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि ग्रामीण इलाकों में अधिक कटौती की जा रही है। बार-बार बिजली आने-जाने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से सिंचाई मोटरों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से शाम के समय होने वाली अघोषित कटौती बंद करने और किसानों तथा विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त वोल्टेज के साथ नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। *प्रमुख मांगें* ज्ञापन के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीणों ने प्रमुख रूप से निम्न मांगें उठाईं— 1. जोबट क्षेत्र में बारिश और फसल नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। 2. पात्र किसानों के कृषि ऋण माफ करने पर निर्णय लिया जाए। 3. कृषि बिजली बिलों में राहत दी जाए। 4. ग्राम भीलखेड़ी में शाम के समय होने वाली अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए। 5. किसानों और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त वोल्टेज के साथ नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। 6. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाए। *समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी* किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से दोनों समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। उनका कहना है कि एक ओर अल्पवर्षा और फसल नुकसान से आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली कटौती से खेती, घरेलू कामकाज और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जोबट मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया जा सकता है। अब देखना होगा कि प्रशासन और बिजली विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं। Post navigation जोबट में आदिवासी कोतवाल समाज संगठन का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न