दीपेश प्रजापति, झाबुआ बूढी दादी के होठों पर इस वार लोटी आई मुस्कान जब अपने ही गुम हुए पोते को पुलिस के साथ रात 2 बजे अपने ही घर पर देखा। दरअसल रात्री गश्त के दौरान झाबुआ के उत्कृष्ट विद्यालय रोड पर एक अज्ञात बालक रोता हुआ मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस द्वारा नाम पता पूछने पर ज्ञात हुआ कि बच्चा बोल नहीं सकता। पुलिस ने हार नहीं मानते हुए बच्चे के दिखाए रास्ते पर चल कर ग्राम वाटिया बड़ी पहुंचे। जहां पर गांव वालों से पूछने पर पता चला इस बच्चे का घर तो रोड से कई दूर अंदर कच्चे में है। जहां वाहन नहीं जाएगा, फिर ASI मेड़ा और आरक्षक आशीष नरगेश ने कच्ची पगडंडी और किचड़ वाले रास्तों से निकलकर बच्चे के घर पहुंचे तो पता चला बच्चे का नाम राहुल पिता बदिया मचार है।उसकी मां का देहांत 2 साल पहले ही हो गया है और पिता गुजरात में मजदूरी करते है। बूढी दादी का एक मात्र सहारा था राहुल जो दादी के साथ शुक्रवार झाबुआ बाजार में जाने से वापस नहीं लौटा। जिससे दादी रेशमा बाई परेशान हो रही थी। जिस बालक को दिन भर से ढूंढ थी रही थी वो आजनक रात 2 बजे पहुंचा अपने घर। Post navigation स्वतंत्रता दिवस की परेड की रिहर्सल के दौरान गश खाकर गिरा आरक्षक, हुई मौत इस वर्ष भी झाबुआ का दूसरा सबसे ऊंचा व बड़ा राष्ट्रीय ध्वज केशव इंटरनेशनल स्कूल पर फहराया