मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ बस स्टैंड के समीप स्थित बालक तथा कन्या प्राथमिक शाला प्रांगण विगत लंबे समय से अनैतिक कार्यों के साथ-साथ बाइक स्टंट का स्थान बनता जा रहा है। संस्था के शिक्षक शिक्षिकाएं परेशान वह करें तो क्या करें? उन्हें उत्तर नहीं सूझ रहा है। हमारे प्रतिनिधि को मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक बालक एवं कन्या शाला जो की बस स्टैंड के समीप प्रमुख सड़क मार्ग के समीप है। इस संस्था के भवन में मतदान केंद्र भी है साथ ही शासन द्वारा आधार कार्ड सेंटर एक निजी केंद्र संचालक को एक कमरा दिया जाकर संचालित कराया जा रहा है। इस संस्था में एक नहीं अनेक समस्याएं व्याप्त है लेकिन हम अभी संस्था प्रांगण में होते अनैतिका कार्यो तथा बाइक स्टंट की बात कर रहे हैं। संस्था का प्रमुख दरवाजा गेट टूटा होकर 24 घंटे खुला रहता है बस स्टैंड पर पेयजल हेतु कोई व्यवस्था नहीं होने से पानी पीने वाले तथा अन्य लोग पानी भरने वाले बेधड़क घुसते रहते हैं। यहां तक की संस्था के बाहर बने सुविधा घर में गंदगी भरी होने के कारण कई लोग शिक्षण संस्था में घुस जाते हैं और जहां जगह दिखती वहां मूत्र त्याग करने खड़े हो जाते हैं। यही नहीं शाम के बाद देर रात तक सुरा तथा धूम्रपान वालों के लिए यह सुनसान क्षेत्र सुविधाजनक बन जाता है जहां आराम से अनैतिक कृत्य करते रहते हैं सुबह संस्था के कमरों के बाहर शराब, बीयर के बोतल तथा सिगरेट के टुकड़े तथा गुटखा पाउच के छिटे देखे जा सकते हैं इसके एक कदम आगे यहां बाइकर्स कमरों के बाहर बने रैपं पर मोटरसाइकिल चढ़ा कर सामने दरवाजे से टकराते हैं जिससे लोहे का दरवाजा टूटा हुआ देखा जा सकता है इस अनैतिक हरकतों को कौन रोके ? संस्था के शिक्षक शिक्षिकाएं जब संस्था में आते हैं तो स्वयं सफाई करने को मजबूर होते हैं क्योंकि संस्था के पास ना तो चपरासी है और ना ही सफाई कर्मी है ऐसी स्थिति में वे स्वयं परेशान है कि करें तो क्या करें और किससे शिकायत करें प्रशासन को स्वयं इस और ध्यान देकर समस्या हल करना जरूरी माना जा रहा है। Post navigation शीतलहर से संपूर्ण क्षेत्र कंपकंपाया, गर्म कपड़ो में नजर आए लोग विद्युत मोटर पंप चोरी होने से कृषकों में भय