वायरल वीडियो के बाद सीएमएचओ का बड़ा एक्शन

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शान ठाकुर, पेटलावद

पेटलावद सिविल अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स दिव्या सोलंकी का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। वीडियो में डिलीवरी के नाम पर कथित रूप से पैसों की मांग किए जाने को लेकर बातचीत सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों द्वारा मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की जा रही थी।

मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने स्टाफ नर्स दिव्या सोलंकी को पेटलावद सिविल अस्पताल से हटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनकोट भेज दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए जिला स्तरीय जांच टीम गठित की गई है।

वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने लिया संज्ञान

वायरल वीडियो में संबंधित व्यक्ति और स्टाफ नर्स के बीच लंबी बातचीत दिखाई दे रही है। बातचीत में डिलीवरी के नाम पर पैसों की मांग से जुड़ी बातें सामने आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ ने तत्काल संबंधित स्टाफ नर्स को पेटलावद सिविल अस्पताल से हटाने के निर्देश दिए। अब जिला स्तरीय टीम वायरल वीडियो सहित पूरे मामले की जांच करेगी।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

सीएमएचओ डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आने के बाद तत्काल संबंधित स्टाफ नर्स को पेटलावद सिविल अस्पताल से हटा दिया गया है। मामले की जांच के लिए जिला स्तरीय टीम गठित की जा रही है। टीम द्वारा वीडियो सहित पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी।उन्होंने कहा कि जांच में यदि स्टाफ नर्स दोषी पाई जाती हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग पर नजर

सरकारी अस्पताल में प्रसव जैसी संवेदनशील स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा मामला सामने आने के बाद अब जिला स्तरीय जांच पर लोगों की नजर बनी हुई है। जांच टीम वायरल वीडियो की वास्तविकता, बातचीत के पूरे संदर्भ और लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी। फिलहाल विभाग द्वारा स्टाफ नर्स को पेटलावद सिविल अस्पताल से हटाकर मोहनकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

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