शान ठाकुर, पेटलावाद
ग्राम पंचायत सारंगी में शासकीय भूमि के नाम पर लोगों से लाखों रुपये लेकर कथित रूप से फर्जी पट्टे जारी करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को पेटलावाद जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पीड़ितों ने आवेदन सौंपकर सरपंच और सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा जमा कराई गई राशि वापस दिलाने की मांग की।

बताया जा रहा है कि हाल ही में तहसीलदार अनिल बघेल द्वारा सारंगी में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई के दौरान उन लोगों को पता चला कि जिन पट्टों के आधार पर उन्होंने जमीन पर कब्जा किया था, वे वैध नहीं हैं। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
*लाखों रुपये लेकर दिए गए कथित फर्जी पट्टे-*
पीड़ितों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने शासकीय भूमि का पट्टा देने के नाम पर लोगों से पाँच लाख से लेकर आठ लाख रुपये तक वसूले। बदले में उन्हें पट्टे और रसीदें दी गईं तथा भरोसा दिलाया गया कि जमीन पूरी तरह वैध है। लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनके पट्टे फर्जी हैं और उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
