विधिक साक्षरता शिविर में छात्राओं को मिली कानूनी अधिकारों और साइबर सुरक्षा की जानकारी

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चंद्रशेखर आजाद नगर। हमारा जिला आलीराजपुर मध्यप्रदेश का आदिवासी बहुल एवं सीमांत जिला है, जहाँ आज भी समाज में कई कुप्रथाएँ, विधिक जागरूकता की कमी और रूढ़िवादिता व्याप्त है। विशेष रूप से ग्रामीण अंचलों में बाल विवाह, दहेज प्रथा, छेड़छाड़, जमीन विवाद और अंधविश्वास से जुड़ी घटनाएं आज भी सामने आती हैं। शिक्षा के अभाव और कानून की जानकारी न होने के कारण आदिवासी भाई-बहन अपने अधिकारों को नहीं पहचान पाते और शोषण का शिकार हो जाते हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलीराजपुर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर कार्यक्रम पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

पिछले कुछ वर्षों में जिले में एक और गंभीर समस्या तेजी से बढ़ी है, वह है नशे की लत से बढ़ती घटनाएं। युवा पीढ़ी में शराब, बीड़ी सिगरेट गुटखा पान, नशीली दवाओं, इंजेक्शन गांजा, भांग एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से चोरी, मारपीट, घरेलू हिंसा और सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ रही हैं। नशे के कारण कई परिवार टूट रहे हैं, बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं। इस शिविर में नशा निवारण अधिनियम एवं नशा मुक्ति के कानूनी उपायों पर विशेष जानकारी दी जाएगी। साथ ही दहेज जैसी सामाजिक बुराई, जो आज भी शादी के नाम पर बेटियों के परिवारों पर आर्थिक बोझ बन रही है, उसके विरुद्ध दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधान समझाए जाएंगे।
आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती मोबाइल, तकनीक और सोशल मीडिया से जुड़े अपराध हैं, साइबर क्राइम हमारे आदिवासी अंचल की भोली-भाली छात्राएं फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप पर अनजान लोगों से दोस्ती, अश्लील मैसेज, फोटो मॉर्फिंग, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लोन एप और लाइक-कमेंट के चक्कर में ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रही हैं। कई बार प्यार के झांसे में फंसाकर जाता है और पलायन की घटनाएं भी सामने आती हैं। इन सबके लिए भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम, आईटी एक्ट की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
इस शिविर के मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश/ सचिव जय पाटीदार , विशेष अतिथि जिला विधिक सहायता अधिकारी  शक्ति रावत , विशेष अतिथि डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल चितवन गेहलोत, विशेष अतिथि विकास खंड शिक्षा अधिकारी  राजेन्द्र बैरागी , विशेष अतिथि बबलु खान , प्रभारी प्राचार्य पुष्पा भूरिया ,जो छात्राओं को बताया कि कैसे वे 15100 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर मुफ्त वकील और कानूनी सलाह पा सकती हैं। महिला अधिकारों, पॉक्सो और घरेलू हिंसा पर, भरण पोषण जैसे साइबर क्राइम से बचाव पर, तथा शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर मार्गदर्शन दिया
इस शिविर का उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज में फैली कुप्रथाओं को कानून के प्रकाश से समाप्त करना, नशे की लत को मिटाना, दहेज को रोकना और मोबाइल के सही उपयोग के प्रति बेटियों को जागरूक करना है। कार्यक्रम का संचालन लालसिंह बामनिया ने किया। आभार बाबुसिंह बामनिया ने माना। पीएलवी बीएल भूरा, कमलेश भूरिया , समस्त विधालय स्टाफ शिक्षक शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

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