ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से आक्रोश

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बुरहान बंगड़वाला, खरडू बड़ी
जिले भर के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों लोड शेडिंग के नाम पर अघोषित विद्युत कटौती का सिलसिला बदस्तूर जारी है। रात दिन किसी भी समय बिजली बंद कर दी जाती है। विशेष रूप से रात के समय बिजली कटौती ने ग्रामीणों की नींद उड़ा कर रख दी है। इस भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित कटौती से परेशान ग्रामीण अब बिजली विभाग के दफ्तर में आंदोलन की मंशा बना रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि लोड शेडिंग का यह सारा दंश सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों को ही झेलना पड़ रहा है, जबकि शहरी क्षेत्र इस कटौती से पूरी तरह मुक्त हैं।

विद्युत मंडल ने जारी किया पेम्पलेट: “लोड सेटिंग का मैनेजमेंट भोपाल से निर्देशित है
दूसरी ओर, विद्युत मंडल ने समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय एक पेम्पलेट जारी कर आम जनता से धैर्य रखने की अपील की है। विभाग के इस रवैये से साफ जाहिर होता है कि कटौती से फिलहाल कोई राहत मिलने वाली नहीं है और ग्रामीणों को इसी तरह की परेशानी को उठा पड़ेगा।
पेम्पलेट में लिखा है कि आप सभी सम्माननीय उपभोक्ताओं को सूचित किया जाता है की वर्तमान में जो लोड मैनेजमेंट का कार्य चल रहा है उसमें किसी भी ग्रिड ऑपरेटर,अधिकारी गण,एवं उच्च स्तर के अधिकारियों का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यह लोड मैनेजमेंट का कार्य भोपाल से निर्देशित है।

*ग्रामीण रमेश डामोर, मुकेश, राजेन्द्र, आशीष, तरुण, शान्तु आदि का कहना है* कि अभी किसान खेतो में सुबह से चले जाता है और रात्रि में घर आता है तो लाइट ही काट जाती है ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों को मच्छरों के काटने का डर रहता है और चोरों का भी भय ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है । विधुत मण्डल वाले अपनी मनमर्जी से जब मन हो लाइट काट देते है ओर जब मन हो लाइट चालू कर देते है।तो क्या विधुत मण्डल वाले कभी बिजली बिल तो टाइम टू टाइम ले जाते है तो बिजली हमको क्यो नहीं दी जाती क्यो रात को ही बिजली गुल कर देते है।*पारा डीसी के जे.ई. सुनील कुमार मंडलोई विद्युत मंडल कार्यालय ने कहा* लोड सेटिंग होने के कारण लाइट बंद की जाती है।यहां आगे का सिस्टम है ये तो। यह पूरे मध्यप्रदेश में हो रहा है।लेकिन तहसील, हेडक्वार्टर, डिस्टिक लेवर पर नहीं है।यह ग्रामीण क्षेत्र में जितने फीडर है उसमें है।

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