तीन वर्ष की परिवीक्षा पूरी, फिर भी 100% वेतन का इंतजार

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शान ठाकुर, पेटलावद 

मध्यप्रदेश में जनजातीय एवं अनुसूचित जाति शिक्षण संवर्ग के अंतर्गत नियुक्त नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों ने तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के बाद 100 प्रतिशत वेतन आहरण का आदेश जारी करने की मांग को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड पेटलावद को आवेदन सौंपा है।

शिक्षकों द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वे जनजातीय एवं अनुसूचित जाति शिक्षण संवर्ग (सेवा एवं भर्ती) नियम 2018 के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए हैं। आवेदन में शासन के पूर्व निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि परिवीक्षा अवधि के दौरान वेतनमान के न्यूनतम का प्रथम वर्ष 70 प्रतिशत, द्वितीय वर्ष 80 प्रतिशत तथा तृतीय वर्ष 90 प्रतिशत राशि स्टायपेंड के रूप में दिए जाने का प्रावधान था।

आवेदन के अनुसार, तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद वेतनमान में न्यूनतम वेतन दिए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जानी है। इसी आधार पर शिक्षकों ने दावा किया है कि उन्होंने तीन वर्ष की अवधि पूर्ण कर ली है तथा विभागीय निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है।

पुराने आदेश का भी दिया हवाला

शिक्षकों ने अपने आवेदन में खण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय/संबंधित विभागीय आदेश क्रमांक /2579-80/2023, दिनांक 04 अप्रैल 2023 का संदर्भ दिया है। साथ ही मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन क्रमांक सी-3-13/2019/एक, दिनांक 12 दिसंबर 2019 तथा संशोधित नियम 14 का उल्लेख करते हुए 100 प्रतिशत वेतन आहरण की मांग रखी है।

आवेदन के अंत में शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी से अनुरोध किया है कि नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों का 100 प्रतिशत वेतन आहरण किए जाने संबंधी आदेश जारी करने की कार्रवाई की जाए।

आवेदन पर करीब 14 शिक्षकों के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं। अब शिक्षकों को विभागीय स्तर से आदेश जारी होने का इंतजार है।

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