शासकीय एकलव्य आदर्श विद्यालय पेटलावद में मलेरिया जागरूकता शिविर, फॉगिंग व गैंबोसिया मछलियों से लार्वा नियंत्रण 

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 शान ठाकुर, पेटलावद 

कलेक्टर डॉक्टर योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा के निर्देशन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंतिम सोलंकी, सिविल अस्पताल पेटलावद के सह-निर्देशन में शासकीय एकलव्य आदर्श विद्यालय, बरवेट रोड पेटलावद में स्कूल हेल्थ एक्टिविटीज के अंतर्गत मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की हेल्थ टीम पेटलावद-झाबुआ द्वारा विद्यालय परिसर में कीटनाशक दवा का छिड़काव एवं फॉगिंग मशीन के माध्यम से फॉगिंग की गई। इसका उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन एवं संक्रमण के संभावित स्रोतों को नियंत्रित करना तथा विद्यार्थियों को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखना रहा।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विद्यालय के विद्यार्थियों को मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया के कारण, लक्षण तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को बताया गया कि घर एवं विद्यालय परिसर में पानी जमा नहीं होने दें, पानी की टंकियों एवं बर्तनों को ढंककर रखें, कूलर एवं अन्य जल पात्रों की नियमित सफाई करें तथा मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी एवं अन्य सुरक्षा उपायों का उपयोग करें।

जागरूकता अभियान के दौरान फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर एवं पंपलेट के माध्यम से भी विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी मलेरिया और डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दें।

विद्यालय परिसर में गैंबोसिया मछलियों का संचय

मलेरिया नियंत्रण अभियान के तहत विद्यालय परिसर में मौजूद जल स्रोतों में शासकीय स्तर पर गैंबोसिया मछलियों का संचय भी किया गया। गैंबोसिया मछली मच्छरों के लार्वा को खाती है, जिससे जल स्रोतों में मच्छरों के लार्वा के विनाश में मदद मिलती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसे मच्छर नियंत्रण की प्रभावी जैविक विधि के रूप में अपनाया गया।

कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी, झाबुआ की टीम का भी सराहनीय योगदान रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

विद्यालय के प्राचार्य एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा स्टाफ ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। स्वास्थ्य विभाग एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा संयुक्त रूप से किए गए इस प्रयास से विद्यार्थियों में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से भी अपील की कि बारिश के मौसम में अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें तथा बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना आदि लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाएं।

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