जितेंद्र वर्मा, नानपुर आलीराजपुर जिले के नानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम राजावाट में तालाब में डूबे रमेश पिता किशन चौहान उम्र करीब 32 वर्ष का शव 120 घंटे बाद तालाब ने उगल दिया। तीन दिन तक एसडीईआरएफ की टीम ने तालाब में उसे खोजने की कोशिश की थी लेकिन शव नहीं मिला। इस बीच शनिवार को शव तालाब ने उगल दिया। रमेश गुजरात में मजदूरी करने जाता था। बताया जाता है कुछ दिन पहले ही उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। रमेश की मां ने बताया कुछ दिनों से रमेश का मानसिक संतुलन खराब था। मंगलवार को राजावाट के तालाब के बाहर उसकी चप्पल पड़ी थी। इसके बाद से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था। उधर, ग्रामीणों का कहना है रमेश के तीन बच्चे थे। इसमें से दो की कुएं में डूबने से मौत हुई थी। एक बेटी बड़ी मम्मी के साथ धार जिले में कही रह रही है। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2024/08/WhatsApp-Video-2024-08-24-at-5.27.46-PM.mp4 मौके पर लगी ग्रामीणों की भीड़ शनिवार सुबह तालाब ने शव उगला तो शव देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव बाहर निकाला। यहां से शव को पीएम के लिए नानपुर अस्पताल लाए। लेकिन डॉक्टर बबिता व केशर सिंह छुट्टी पर होने से नहीं मिले। बाद में पुलिस ने डॉक्टर को बुलाया और दो पीएम कराया। इस बीच परिजन परेशान होते रहे। दूसरी ओर अजंदा में हुई सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले ग्रामीण का भी पीएम किया गया। Post navigation लगातार हो रही बारिश के कारण फाटा डैम के गेट खोले गए नानपुर में 29 अगस्त से शुरू होगी भागवत कथा