मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ष बारिश बहुत कम होने से खरीफ की फसलों के उत्पादन पर असर पड़ रहा है नदी नाले तालाब अभी भी खाली पड़े हैं जितना पानी है वह अपर्याप्त माना जा रहा है बारिश विदा होने के बाद पुनः लौटी और झमाझम वर्षा से राहत मिली है। हमारे संवाददाता को कृषक राजेंद्र सिंह राठौर, नारायण सिंह चौहान, तकसिंह रावत, सरपंच रमेश रावत, कलमसिंह कनेश, सरपु बघेल, मगनसिंह बघेल, दितलिया बघेल, राजू पटेल, रमेश बघेल आदि ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में बारिश कम होने से वैसे भी फसलें खराब हो गई खरीफ का रकबा भी कम बताया जा रहा है इधर कम वर्षा होने तथा बारिश विदा हो जाने से कई कृषक कुओं आदि से फसलों में सिंचाई कर उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे थे कि आज 6-7 अक्टूबर को झमाझम बारिश हो जाने से कृषकों को राहत मिली है इस बारिश से मूंगफली, सोयाबीन, तथा कपास, तुवर आदि फसलों को लाभ मिलेगा वर्षा से फसलों तथा कृषकों को राहत मिली है क्षेत्र में अभी बादलों की स्थिति बनी होकर एक-दो दिन और बारिश की संभावना बताई जा रही है यदि वर्षा होती है तो इस फसल के साथ साथ आगामी फसल को भी लाभ मिलने की संभावना है। Post navigation ईद मिलादुन्नबी की खुशी में दाउदी बोहरा जमात ने जुलूस निकाला शरद पूर्णिमा पर आज भंडारे के बाद रात्रि में केसर खीर की प्रसादी