मयंक विश्वकर्मा आम्बुआ क़स्बे में तथा समीप ग्राम बोरझाड में आज से शारदीय नवरात्र के आयोजन प्रारंभ हो रहें हैं जिसकी संपूर्ण तैयारियां हो चुकी है, माता रानी के दरबार सज चुके हैं। हिंदू सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है वर्ष में दो नवरात्रियां प्रमुख रूप से आयोजित की जाती है एक चैत्र मास में तथा एक कार्तिक मास में जिसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है,इस नवरात्र को विशेष रूप से मनाया जाता है जिसमें माता जी की आराधना के साथ ही रात्रि में गुजरात की संस्कृति अनुसार गरबा रास के आयोजन होते हैं, जिसके लिए विशाल पांडालों को तैयार किया जा ता है, माता जी अस्थाई मूर्ति स्थापित कर वहां गरबा रास किया जा ता है। आज कार्तिक मास की प्रतिपदा को आम्बुआ तथा बोरझाड में घट स्थापना एवं मूर्ति स्थापित कर शारदीय नवरात्र का शुभारंभ किया गया आम्बुआ में टेकरी वाली अंबे माता मंदिर, शंकर मंदिर प्रांगण में स्थित अंबे माता मंदिर, इंदिरा आवास फलिया में बीजासन माता मंदिर, तथा मेलडी मांता मंदिर एवं समीप ग्राम बोरझाड में श्री रणछोड़ राय मंदिर तथा प्रजापति समाज द्वारा प्रजापति मोहल्ले में भी स्थापना कर गरबा पांडाल सजाए गए हैं आज रात से सभी स्थानों पर गरबा रास के आयोजन प्रारंभ हो गये, जिनमें सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस थाना आम्बुआ द्वारा माकूल व्यवस्था की जा रही है। Post navigation फुटतालाब में पावागढ़ और अंबाजी से ज्योत लाकर शुभ मुहूर्त में हुई घटस्थापना