मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

शारदीय नवरात्रि के बाद शरद पूर्णिमा का विशेष आयोजन मंदिरों में किए जाते हैं इसमें रात्रि में गरबा रास का आयोजन के बाद खीर की प्रसादी वितरित की जाती है यह खीर का प्रसाद पोस्टिक तथा आयुर्वेदिक व्यवस्था में अमृत तुल्य औषधि का कार्य भी करती है। आम्बुआ अंबे माता मंदिर (टेकरी वाली) के दरबार में आज भंडारा भी रहेगा।

मिली जानकारी के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने शरद पूर्णिमा की रात गोपियों के साथ रास नृत्य किया था इस कारण शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है आज 9 अक्टूबर को आम्बुआ टेकरी वाली अंबे माता मंदिर पर प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी भंडारे का आयोजन किया जा रहा है रात्रि में यहां पर गरबा रास के आयोजन के बाद केसर युक्त खीर की प्रसादी का वितरण किया जाएगा बताते हैं कि खीर को चंद्रमा के प्रकाश में रखा जाता है जानकारों तथा सनातन हिंदू धर्म के अनुसार रात्रि में चंद्रमा की किरणों से अमृत गिरता है जिस कारण खीर औषधि का कार्य करती है जिन लोगों को अस्थमा की बीमारी होती है वह इस प्रसादी से ठीक होते हैं खीर का प्रसाद प्राप्त करने हेतु मंदिरों में भीड़ जुटती है यह प्रसादी रात्रि को 12 बजे बाद वितरित होती है आम्बुआ में शंकर मंदिर प्रांगण में स्थित अंबे माता मंदिर, इंदिरा आवास में बिजासन माता एवं मेलडी माता मंदिर में यह महा प्रसादी आज रात वितरित की जाएगी।

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