दिनेश वर्मा

समान नागरिक संहिता को लागू करना कभी असंभव-सा कार्य माना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में ऐसे ऐतिहासिक निर्णयों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मध्यप्रदेश ने भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एसएमएस के माध्यम से साढ़े तीन करोड़ से अधिक संदेश भेजे गए और 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव प्राप्त किए गए। इस विषय पर गठित समिति ने 55 जिलों का भ्रमण कर विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद किया। यह प्रक्रिया जनभावनाओं को समझने और व्यापक विमर्श के आधार पर निर्णय लेने का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर रहा है। आज प्रदेश की कुल ऊर्जा क्षमता में लगभग 30% योगदान नवीकरणीय ऊर्जा का है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पंप्ड स्टोरेज और जलविद्युत जैसे स्रोतों के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह बदलाव पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
नारी शक्ति के सशक्तीकरण के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। महिला आरक्षण के विषय पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया। प्रदेश में 65 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह की दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण के प्रति जागरूक करने और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही, स्कूली छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन के लिए आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जा रही है।
युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में दो लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 50,000 से अधिक पदों पर भर्ती किए जाने और आगे एक लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही, विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिल सके। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना, महिलाओं को सशक्त बनाना, युवाओं को अवसर देना और मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
– *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*

मोदी सरकार के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना और तापी बेसिन से जुड़ी परियोजना जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। वहीं, प्रदेश का नक्सलमुक्त होना भी एक बड़ी उपलब्धि है। कभी बालाघाट जिले के सूपखार और आसपास के वन क्षेत्रों में जाना जोखिम भरा माना जाता था, लेकिन अब नक्सलवाद से मुक्ति के बाद इन क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल हुआ है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश आज “चीता स्टेट” के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है आधुनिक परिवहन और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल का संचालन प्रदेश के शहरी विकास को नई गति दे रहा है। वहीं, भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन आधुनिक सुविधाओं और विश्वस्तरीय स्वरूप का उत्कृष्ट उदाहरण है।

– डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

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