https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2025/09/VID-20250929-WA0006.mp4 खरडू बड़ी। शासन प्रशासन लगातार नशा मुक्ति अभियान चलाते रहते है और वाहन चालकों पर कार्यवाही करते है। लेकिन मप्र शासन के वाहन चालक ही नशा करके वाहन चलाते है तो उन लोगो पर कौन रोक लगाएगा। 28 सितंबर को रात्रि में करीबन 9 बजे पारा झाबुआ मार्ग पर खरडू बड़ी की डॉक्टर घाटी के समीप एक बोलेरो MP 45 ZE 8734 दुर्घटना का शिकार हो गया। वाहन पर मप्र शासन लिखा है उसका डाइवर नशे में होने से घाट के मोड़ पर वाहन कंट्रोल नहीं हुआ तो घाटी के नीचे बने एक कच्चे मकान में जा घुसा। इतना ही नही जब मकान के अंदर सोये लोग अचानक बाहर निकले तो ड्राइवर गाड़ी लेकर भागने लगा तो घर वालो ने इसे पकड़ लिया। जिन्होंने बताया कि ड्राइवर नशे में था। वाहन में से लंदन प्राइड नामक शराब की बोतल मिली थी जिसके बाद ड्राइवर को पुलिस वाले आकर ले गए। गनीमत यह रही कि जिस घर में यह हादसा हुआ उस समय घर के लोग गुजरात मे मजदूरी करने गए हुए घर के लोगो से फ़ोन पर बात कर रहे थे जब अचानक घर के पटरे टूटने की आवाज आई तो घर वालो ने अपनी जान बचाई। एक लड़की को हाथ मे चोट लगी है। लेकिन घर के पटरे एवं मुर्गे और एक स्कूटी भी वाहन की चपेट में आई। सवाल यह है कि वाहन पर मप्र शासन लिखा हुआ था तो यह किस अधिकारी या विभाग में अटैच है ऒर अगर अटैच नहीं है तो इस वाहन पर मप्र शासन लिखा हुआ हटाया क्यो नहीं गया? Post navigation शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आम्बा पीथनपुर में निकाला पथ संचलन नवरात्रि उत्सव में भक्ति एवं संस्कृति के रंगों में रंगा गरबा पांडाल