रितेश गुप्ता, थांदला 6 दिसंबर को थांदला के सामुदायिक भवन अंबेडकर परिसर में भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 64वीं पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अजाक्स के प्रांतीय महासचिव जीएल गुवाटिया एवं उपस्थित अतिथियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर मोमबत्ती प्रज्जवलित कर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात अतिथियों का अजाक्स के कर्मचारियों एवं जयस पदाधिकारियों द्वारा स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि जीएल गुवाटिया द्वारा अपने संक्षिप्त संबोधन में बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए भविष्य की चुनौतियों को मध्य नजर रखते हुए सांगठनिक एकता का आव्हान किया स्वागत भाषण देते हुए जयस के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबू सिंह डामोर द्वारा आजादी के 73 वर्षों बाद भी संविधान में उल्लेखित अधिकारों पांचवी अनुसूची पेसा कानून वन अधिकार अधिनियम का अनुपालन नहीं करने पर सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए एसटी एससी समाज को एकजुट होकर प्रयास करने की आवश्यकता बताई। सभा को रमेश चागेसिया अजाक्स साहित्य प्रकोष्ठ विभाग मध्यप्रदेश काकनवानी प्राचार्य प्रेम नारायण अहिरवार द्वारा भी संबोधित किया। कार्यक्रम में अजाक्स के संभागीय महासचिव बद्रीलाल गुवाटिया, शिवलाल सूर्यवंशी, जिला सचिव अजाक्स आगर-मालवा सुरेश धामन, जितेंद्र धामन, चंदा धामन, ेअक्षय भट्ट पार्षद के अलावा थांदला के अन्य सामाजिक संगठन एवं जयस आदिवासी अधिकारी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बबलू वसुनिया, मदन डामर, हरचंद मईडा, छात्र संगठन के पदाधिकारी लतेश अड़, सुनील मुनिया, उमेश डोडियार आदि समाज जन उपस्थित थे। तानसिंह मुनिया ब्लॉक अध्यक्ष अजाक्स द्वारा आभार व्यक्त करते हुए अंबेडकर परिसर का जीर्णोद्धार करने की अपील समाज जनों एवं नगर के प्रबुद्ध वर्ग से की गई। Post navigation मुख्यमंत्री चौहान ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर नगर परिषद थांदला को किया सम्मानित मध्य प्रदेश गुजरात की बॉर्डर पर कर रहा था अवैध डीजल का व्यापार, पुलिस ने मारी रेड