थांदला। यहां आचार्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी, रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी आदि ठाणा – 8 एवं साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी आदि ठाणा – 4 के सानिध्य में तपस्याओें का क्रम निरंतर जारी है। श्रीसंघ का हर एक सदस्य अपनी शक्ति अनुसार तप आराधना में भाग लेकर अपने कर्म की निर्जरा करते हुए संघ को गौरवान्वित कर रहा है। यहां श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के पूर्व सचिव संदीप शाहजी की धर्म सहायिका तपस्वी श्वेता शाहजी ने 31 उपवास की कठोर तपस्या पूर्ण की। उल्लेखनीय है कि इस वर्षावास में अभी तक 20 मासक्षमण पूर्ण हो चुके हैं । संयमी आत्माओं ने की तपस्वी की अनुमोदना जयकार यात्रा निकली तपस्वी के निवास स्थान से शोभा यात्रा निकली। यात्रा में शामिल श्रावक-श्राविकाएं श्रमण भगवान महावीर स्वामीजी, आचार्य श्री उमेशमुनिजी, प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी, तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी व तपस्वी की जयकार करते हुए चल रहे थे। यात्रा नगर के विभिन्न मार्गो से होती हुई पौषध भवन पर पहुंच कर बहुमान समारोह में परिवर्तित हो गई। आयोजित बहुमान समारोह में तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी व रोचकवक्ता श्री संदीपमुनिजी ने तप की महत्ता पर प्रकाश डालकर तपस्वी के तप की अनुमोदना करते हुए खूब खूब धन्यवाद व साधुवाद दिया। वहीं मुनि व साध्वी मंडल ने तपस्वी के परिवार शाहजी परिवार को भी इस कठोर तप में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। सभा में धर्मदास गण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत भंसाली, श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया , मनीष रांका , प्रत्युष चौधरी आदि ने विचार व्यक्त किए। संचालन श्री संघ के सचिव हितेश शाहजी ने किया। प्रभावना का लाभ सुशील कुमार सेठिया परिवार उज्जैन , धर्मेश कुमार सुमतिलाल खारीवाल परिवार जावरा व रांका परिवार जावरा ने लिया । तप की बोली तप से लगाकर तपस्वी का किया बहुमान तपस्वी का तप की बोली तप से लगवाकर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से शॉल ओढ़ाकर माला पहनाकर बहुमान किया गया। तपस्वी का कई परिवारों व विभिन्न संस्थाओं द्वारा भी बहुमान किया गया। इस दौरान धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं ने मुक्त कंठ से तपस्वी के जयकारे लगाए। Post navigation फुटतालाब में 10 से अधिक जिलों के लोगों ने एक साथ देखा इंदौर, दिल्ली, गुजरात के कलाकारों और ग्रामीण युवाओं का गरबा पारदर्शिता, समर्पण, सेवा भावना से धर्म संघ को और मजबूत बनाने का संकल्प ले