संजय गांधी, बोरी नगर में धर्म और भक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला, जब ‘श्री सिद्धेश्वर कांवड़ यात्रा’ में सम्मिलित होने जा रहे, अंतरराष्ट्रीय कथावाचक परम पूजनीय गुरुदेव पंडित प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) के सुपुत्रद्वय, पंडित राघव जी मिश्रा एवं पंडित शिवम जी मिश्रा का प्रथम बोरी नगर आगमन हुआ। गुरुपुत्रों के नगर आगमन की सूचना मिलते ही समूचा बोरी नगर भक्तिमय हो उठा और उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र हो गई। श्री द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण में हुआ भव्य आयोजन नगर आगमन के पश्चात श्री द्वारकाधीश मंदिर परिसर में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। यहाँ स्थानीय महिला मंडल, मातृशक्ति एवं समस्त बोरी नगरवासियों की ओर से पूज्य गुरुदेव के सुपुत्रों का पुष्पवर्षा, तिलक एवं साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान वातावरण “हर-हर महादेव” और “जय श्री राम” के जयकारों से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने पाया प्रेरणा पाथेय कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित सनातन धर्मावलंबी भाई-बहनों ने गुरुपुत्रों का दर्शन-लाभ लिया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पंडित राघव जी मिश्रा एवं पंडित शिवम जी मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह को धर्म, संस्कार और शिव भक्ति का मार्ग बताते हुए कांवड़ यात्रा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा सभी को जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने का प्रेरणा पाथेय प्रदान किया। सफल मंच संचालन इस गरिमामय व भव्य स्वागत कार्यक्रम का कुशल एवं सफल मंच संचालन मनोज राठौर (बोरी) द्वारा किया गया। उन्होंने अपने ओजस्वी विचारों और कुशल संचालन से पूरे कार्यक्रम में धर्मानुरागियों का उत्साह बनाए रखा। कार्यक्रम में जोबट से पधारे दीपक चौहान ने जोबट में आयोजित की जा रही कावड़ यात्रा में सम्मिलित होने के लिए सभी नगर वासियों से अपील की। समारोह के समापन पर महिला मंडल व नगरवासियों ने कांवड़ यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं तथा अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने जय भोले ,हर हर भोले के नारे से गुरुपुत्रों को विदाई दी। Post navigation विश्व आदिवासी दिवस पर उमड़ा जनसैलाब: परंपरा, आधुनिकता और जड़ों से जुड़ाव की अनूठी मिसाल संत श्री कमल किशोरजी नागर को मिली जान से मारने की धमकी, हिंदू समाज ने बोरी थाने में ज्ञापन सौंपा