संजय गांधी, बोरी

परम पूज्य संत श्री पं. कमल किशोरजी नागर को जान से मारने का एक धमकी भरा पत्र मिलने के बाद से संपूर्ण क्षेत्र के हिंदू समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर घटना के विरोध में आज हिंदू समाज के बैनर तले ग्रामीणजनों ने पुलिस थाना बोरी पहुंचकर कलेक्टर महोदय झाबुआ के नाम थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा और आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की।

जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान मिला पत्र

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 4 सितंबर 2026 को श्री गुरु कृपा शबरी गौशाला, भूराडाबरा (जिला झाबुआ) में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर एक रात्रिकालीन भव्य सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा भेंट स्वरूप प्रदान की गई सामग्री, शाल एवं श्रीफल आदि के बीच एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ।

पत्र में दी गई जान से मारने की धमकी

पत्र में स्पष्ट रूप से संत श्री नागर जी को समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों को रोकने की चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि “यदि आपने यह समाज सेवा बंद नहीं करी तो आपको जान से मार देंगे, आप हमारा धर्म खतम कर रहे हो।”

उल्लेखनीय है कि संत पं. कमल किशोरजी नागर जी लगातार धर्मांतरण एवं गौ-तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों के विरुद्ध जनजागरण और गौ-संरक्षण के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहते हैं। इस क्षेत्र में प्रतिवर्ष उनके बड़े धार्मिक एवं सामाजिक जनजागरण के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

ज्ञापन में हिंदू समाज ने मामले को अत्यंत गंभीर एवं सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक बताते हुए मांग की है कि इस पत्र को भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों की सूक्ष्म एवं निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द पहचान की जाए और उनके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन देने पहुंचे गणमान्य नागरिक

ज्ञापन सौंपते समय क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जन उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से संजय गाँधी,इंदरसिंह(सरपंच सुडीबड़ी)मुकेश (सरपंच डेडरवासा),आलमसिंह,सालमसिंह,मुकामसिंह,रमेश भाई, धनसिंह,जगतसिंह,भुवानसिंह,बालूसिंह,छगनसिंह

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो पूरा समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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