जितेंद्र वाणी नानपुर नानपुर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है व आस पास 30 पंचायतों का सम्पर्क नानपुर थाने से रहता है वहीं इस क्षेत्र में रेत की अधिकता है और इसी के मद्देनजर रेत माफियाओं की नजर क्षेत्र में स्थित सभी नदियों पर है और रेत माफिया अवैध रूप से नदियों से रेत का उत्खनन कर रहे हैं और लाखों का राजस्व का चूना प्रशासन को लगा रहे हैं। इसकी विपरीत नियम है कि नदियों से बिना रॉयल्टी रेत उत्खनन करने पर वाहन राजसात करने व माफियाओं पर कार्रवाई करने का प्रावधान है, रेत उत्खनन करने की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को भी है लेकिन वे न जाने कौन सी सद्भावना के चलते कार्रवाई से गुरेज कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रशासनिक अधिकारियों से रेत माफिया अपने स्तर की सेटिंग कर यह सब कुछ धड़ल्ले से अंजाम दे रहे हैं, ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों व रेत माफिया की जुगलबंदी मप्र सरकार पर भारी पड़ रही है और उसे लाखों रूपए का चूना प्रतिदिन लगाया जा रहा है। नियम तो यह भी है कि तीन माह नदियों से रेत रॉयल्टी चुकाकर निकाली जाए और उसके बाद स्टॉक कर उसे बेचा जाए, लेकिन यहां तो बिना अनुमति यह सब कुछ गौरख धंधा जोरों पर है। वहीं जब भी नए थाना प्रभारी आते है तो माफिया उनके आस पास देखते मिल जाएंगे व अपना व्यसाय बेधड़क चलाते रहते है जब कि पिछले वर्ष अवैध रेत खनन पर कार्रवाई नाम मात्र की हुई है। इसके विपरीत चौराहे पर चर्चा का विषय है कि कांग्रेस सरकार में भी माफियाओ को अवैध कारोबार करने की छूट दे रखी है। आम जनता बेहाल है, रेत उत्खनन करने वाले वाहन तेज रफ्तार से यहां की सड़कों से गुजरते हैं जिससे दुर्घटनाओं में भी इजाफा हुआ है तो वहीं इन सबके बावजूद भी रेत माफिया जमकर चांदी काट रहे हैं। खनिज अधिकारी अशोक सिंघाड़े ने बताया की अभी कोई रेत की नीलामी नही हुई है जो वाहनों में भर के जारही है वह अवैध तरीके से जाती होगी समय समय पर हम करवाई करते है पिछले समय कई वाहनों को जप्त कर करवाई भी की गई थी ) Post navigation दुःखद: खेलते समय 20 फीट ऊंची गैलरी से गिरी मासूम, मौत वॉइस ऑफ सेन्ट्रल इंडिया सिंगर हंट से बनिये मध्य भारत की आवाज़, इंदौर में पहला ऑडिशन 10 नवम्बर को