ब्रजेश श्रीवास्तव छकतला ग्राम पंचायत छकतला में पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही कांवड़ यात्रा की परंपरा इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। 15 अगस्त 2026 को ककराना स्थित मां नर्मदा नदी से जल भरने के लिए रवाना हुआ लगभग 90 से 100 कांवड़ यात्रियों का जत्था आज दोपहर सफलतापूर्वक अपनी पैदल यात्रा पूरी कर वापस लौट आया। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260817-WA0036.mp4 ग्राम भोपलिया से छकतला तक डीजे और भजनों की धुन पर नाचते-गाते यात्रियों का भव्य आगमन हुआ। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया, वहीं माताओं-बहनों ने तिलक लगाकर कांवड़ियों का सत्कार किया। इस अवसर पर ग्राम सरपंच सहित समस्त सम्मानित ग्रामीणजन उपस्थित रहे। शिवालयों में हुआ जलाभिषेक यह यात्रा छकतला के गुजरात बॉर्डर पर वाघेला परिवार द्वारा स्थापित शिव पूजन स्थल, कवांट रोड स्थित हनुमान मंदिर और बस स्टैंड के शिव मंदिर पहुंची। इन प्रमुख स्थानों पर जलाभिषेक करने के पश्चात, भक्तजनों ने बड़केश्वर धाम (मेंबर फलिया) पहुंचकर भी भगवान शिव को जल अर्पित किया। आयोजन की पूर्ण पूजा विधि श्री शंकरलाल मात्रे और गायत्री परिवार के श्री रुमालिया जी द्वारा सविधि संपन्न कराई गई। नन्हे बच्चों का उत्साह और देशभक्ति का अनूठा नजारा इस वर्ष की कांवड़ यात्रा का विशेष आकर्षण 11 से 15 वर्ष के नन्हे बच्चों की सहभागिता रही। कांवड़ियों ने अपनी कांवड़ को भगवा ध्वज के साथ-साथ राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ से सजाया था, जो देशभक्ति और प्रभुभक्ति के अनूठे संगम का मनोरम दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। संपूर्ण यात्रा शांतिपूर्ण और सफल रही, जिसमें पुलिस प्रशासन का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। Post navigation सकल पंच राठौड़ समाज छकतला की बैठक संपन्न, लखन राठौड़ पुनः निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए सिकलसेल जागरूकता, रक्तदान और देसी भाजी के महत्व पर विद्यार्थियों को दिया संदेश