मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ दाऊदी बोहरा समाज में वर्ष में एक बार नन्हे मुन्ने बच्चों को रोजा कराया जाता है, जिसे मोती-ए- शवालात के नाम से जाना जाता है। आज के दिन इस रोजे को सम्पूर्ण विश्व में दाऊदी बोहरा समाज के छोटे से छोटे बच्चो से लगाकर बुजुर्गो तक रोजा करना फरीजत और बेहद सवाब का माना जाता है। रज्जब माह की 27 तारीख को यह रोजा पूरी आस्था और निष्ठा के साथ किया जाता है। आम्बुआ ग्राम के सभी बच्चो ने आज रोजा रखा है जिसमे सबसे कम उम्र के पहला रोजा मोहम्मद अब्दुलकदर,ने रखा वा इन्सिया मोटरवाला, सैफुद्दीन मुर्तुजा, सकीना कोहा, नफीशा कोहा,जैनब अब्देअली, मोहम्मद राज टेलर, रुकय्या राज टेलर,बुरहानुद्दीन बोरझाड़, मालिक बोरझाड़, हुजैफा अंडावाला सैफुद्दीन हुसैन, हुसैन हुजैफा इंडियन, कुशय हकीमुद्दीन,ने भी पूरे दिन 13 घंटे का रोज़ा किया। साथ ही ग्राम के 25 से 30 बच्चों ने भी रोजा रख कर परिजनों को सबाब में सामिल किया। बोहरा समाज के इन नन्हे मुन्ने बच्चो के रोजा रखने पर समाजन की ओर से बच्चों को चॉकलेट बिस्किट वा उपहार दिए गए वा वरिष्ठ पत्रकार जगराम विश्वकर्मा, सरपंच रमेश रावत अमान पठान ने बच्चो एवं परिजनों को मुबारकबाद पेश करते हुवे, उज्जवल भविष्य की कामना की है। Post navigation भारतीय गणतंत्र की 76वीं वर्षगांठ आम्बुआ में भी धूमधाम से मनाई गई दिन दहाड़े महिला के गले से अज्ञात व्यक्ति मंगलसूत्र छीनकर भाग निकला