मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

श्राद्ध पक्ष के बीतते ही शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो जाता है, जिससे नौ दिनों तक नवदुर्गाओ का विभिन्न रूपों में पूजन अर्चना आराधना की जाती है। आम्बुआ में आज 15 अक्टूबर को विधि विधान के साथ घट स्थापना तथा चलायमान मूर्तियों की स्थापना की गई।

मिली जानकारी के अनुसार शक्ति स्वरूप नवदुर्गा माता का शारदीय नवरात्र आज प्रतिपदा तिथि 15 अक्टूबर को आम्बुआ ,बोरझाड़ तथा ग्रामीण क्षेत्र अड़वाड़ा ,आगोनी, देकालकुआं ,चिचलाना बड़ी, भोरदू आदि में भी चलायमान मूर्तियों की स्थापना की गई जिन्हें नवमी तिथि के बाद विसर्जित कर दिया जाता है नौ दिन तक माताजी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना आराधना के साथ ही रात्रि में गुजरात के प्रसिद्ध गरबा डांडिया रास का आयोजन गरबा मंडपो मे किया जाएगा। आम्बुआ में टेकरी वाली अंबे माता मंदिर, शंकर मंदिर प्रागण में स्थित अंबे माता, मेलडी माता मंदिर ,बिजासन माता मंदिर आदि चार स्थान पर सजे माता दरबार में रात्रि कालीन गरबा नृत्य (डांडिया रास) का आयोजन किया जाएगा इस बार चुनाव की आचार संहिता की छाया कार्यक्रम में देखी जाएगी तथा प्रशासन के गाइडलाइन अनुसार रात्रि कालीन कार्यक्रम आयोजित होंगे चार पंडालों में से आत्माराम भूरिया ,शंकर लाल पारिख, लीला गवले तथा भागीरथ चौहान अपने-अपने पंडालों की व्यवस्था अन्य कार्य कर्ताओं के साथ संभालेंगे।

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