मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ में निवासरत तथा चांदपुर क्षेत्र में जन्मे शिक्षक छगनसिंह भिण्डे के सेवा कार्य पूर्ण होने पर वर्तमान शिक्षण संस्था चिचलाना में कार्यरत रहते हुए सेवानिवृत्त हुए। शिक्षक छगनसिंह भिण्डे की प्रथम नियुक्ति 30/03/1981 को कट्ठीवाड़ा ब्लॉक के मेहनी शिक्षण संस्था में होने के बाद से आम्बुआ, अडवाड़ा तथा चिचलाना में शिक्षण कार्य किया मृदुभाषी तथा मिलनसार श्री भिण्डे का सादा जीवन उच्च विचार के पक्ष पर चलते हुए भारत के भविष्य कहे जाने वाले बच्चों का सुगढ़ता के साथ शिक्षित किया। इनसे शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी अनेक उच्च पदों पर पदासीन हुए। आज 30 जून 2023 को सेवानिवृत्त होने पर संकुल प्रभारी एवं शिक्षकों ने भावभीनी विदाई दी तथा भविष्य में स्वस्थ रहने एवं सामाजिक कार्यों में जुटने की कामना की। Post navigation बारिश के मद्देनजर मस्जिद में अदा की बकरीद की नमाज वर्षा की खेंच से चिंतित कृषक जो हल्की बारिश हुई थी उसी के सहारे बुवाई में जुटे