सुनिल खेडे, जोबट विद्युत विभाग द्वारा गत छः माह पहले 30 मई को विद्युत विभाग के लगभग 84 अधिकारी-कर्मचारीयों के स्थानानांतरण की एक सूची जारी की थी । इसी कडी में एक मामला आलीराजपुर जिला सामने आया है, जिसमें इस आदेश के क्रमांक 47 में जूनियर कर्मचारी विकास कुमार राधेश्याम प्रसाद का स्थानानांतरण जिले के आजाद नगर भाभरा से रतलाम जिले के बाजना में हुआ था, लेकिन स्थानांतरण के छः माह बाद भी विकास कुमार को आजाद नगर से विद्युत विभाग द्वारा रिलीव नहीं किया गया। जबकी इसी आदेश में क्रमांक 64 पर उनकी जगह आलीराजपुर सब डीवीजन में जूनियर पद पर पदस्थ दिनेश अर्जीनिया को विकास कुमार की जगह आजाद नगर भाभरा किया गया था। जब इसकी जानकारी प्राप्त हुई तो इस संबंध में जिला कार्यपालन यंत्री पुरूषोत्तम बैरागी से पूछा गया तो उनके द्वारा कहा गया कि उन्होंने इसके पीछे जो कारण बताया वो हजम नहीं हुआ, उनका कहना था कि विकास कुमार का रिलीवर दिनेश अर्लीनिया है लेकिन दिनेश अर्जीनिया का रिलीवर नहीं है और जब तक दिनेश अर्जीनिया का रीलीवर नहीं आता विकास को रिलीव नही कर सकते । अब प्रश्न यह उठता है कि दिनेश अर्जीनिया का जो भी रीलिवर जहां से भी आयेगा उसका अगर रीलिवर नही होगा तो वो भी दिनेश के लिये रिलीव नही होगा। इस तरह से यह चेन खत्म ही नही होगी । इसी हास्यपद मामले में जब हमारे द्वारा आलीराजपुर-झाबुआ डिवीजन के अधीक्षक अभियंता डीएस चौहान से पूछा गया तो उनका भी जिला कार्यपालन यंत्री की तरह जवाब था । अब प्रश्न यहा यह उठता है की क्या जब मुख्य महाप्रबंधक(एचआर) मध्यप्रदेश पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी ली0 द्वारा इस स्थानानांतरण आदेश को निकाला गया तो इस पहलु पर ध्यान दिया या फिर विकास कुमार को रिलीव नही करने के पीछे क्षेत्रिय अधिकारियों की कोई बडी साठगांठ है ? उक्त मामले में आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। ऐसा तो होना नहीं चाहिये, मैं दिखवाता हूं। अमित तोमर, प्रबंधक संचालक, मप्रप विद्युत वि0कं0लि Post navigation डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनाए जाने की खबर के बाद भाजपा नेताओं ने की आतिशबाजी नाबालिग वाहन चालकों के परिजन को बुलाकर दी समझाइश, ट्रैक्टर चालकों के भी दस्तावेज चेक किए