झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
पोस्ट ऑफिस घोटाले के मुख्य आरोपी संदीप मुणत के घर को नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक ने अपने कब्जे में ले लिया। कलेक्टर के आदेश के बाद बैंक की एक टीम मुणत जैन कॉलोनी स्थित निवास पर पहुंची। मकान संदीप की मां आशादेवी के नाम पर है। दोपहर 1 बजे बैंक की इंदौर की एक कंपनी इंफोशन एजेंसी के कुछ सदस्य यहां पहुंचे। अधिकारी-कर्मचारी व पुलिस प्रशासन के समब बैंक ने मकान को कब्जे में लिया। दरअसरल संदीप ने तीन साल पहले अपनी मां आशादेवी के नाम से घर बैंक में गिरवी रखकर 15 लाख का ऋ ण लिया था जो अब ब्याज व खर्चा मिलाकर 21 लाख रूपए का हो गया। नियमित किश्त जमा नहीं होने की वजह से राशि इतनी बढ़ गई। इसके चलते नर्मदा-झाबुआ ग्रामीण बैंक पेटलावद ने सरफेशी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार आशादेवी के मकान को अपने कब्जे में ले लिया। तहसीलदार धनजी गरवाल ने घर की चाबी बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक वर्धन मिश्रा को सौंपी।
तीन माह में होगी नीलामी-
श्री मिश्रा ने बताया की तीन माह के अंदर घर की नीलामी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से की जा सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त दिशा निर्देश अनुसार यह कार्रवाई की जाएगी। इसमें जो भी राशि प्राप्त होगी उससे बैंक अपना पूरा रूपया जमा करेगी। बची हुई शेष राशि का निर्णय न्यायालय या कलेक्टर द्वारा लिया जाएगा।
तीन वर्ष पुराना मामला.
नगर में करोड़ो रुपए का पोस्ट ऑफिस घोटाले को 3 वर्ष पूर्व हुआ था जिसका मुख्य मास्टर मांईड संदीप मुणत आज भी सलाखों के पीछे है। नगर सहित आसपास की जनता के पोस्ट ऑफिस के खातों में पैसा जमा करने के नाम पर संदीप ने नकली सील व दस्तावेज बनाकर लोगों का पैसा हड़प लिया था, जिसमें पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी संदीप का सहयोग दिया था, जिसके बाद लोगों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संदीप को पकड़ा था किंतु इस मामले में संदीप की मां और पिता दोनों को भी अभियुक्त बनाया गया किंतु आज तक पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई है। वहीं घोटाले में जनता का जो करोड़ों रूपया डूबा है, उसमें से किसी को भी आज तक एक रूपया भी नहीं मिल पाया है। आज भी अपने पैसों की आस में कई लोग कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रहे है।

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