भूपेंद्र नायक, पिटोल

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने शुक्रवार को झाबुआ विकासखंड के विभिन्न गांवों का दौरा कर स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और आंगनवाड़ी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। खेड़ी के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ पांच शिक्षकों में से केवल प्रधानाध्यापक उपस्थित मिले, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। वहीं, कालाखूंट के मोदी फलिया में जल चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की पेयजल और सिंचाई संबंधी समस्याएं सुनीं।

प्राथमिक स्कूल में शिक्षक नहीं मिले उपस्थित

कलेक्टर ने उप स्वास्थ्य केंद्र खेड़ी का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, प्रसव व्यवस्था और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

शासकीय हाई स्कूल खेड़ी के निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की उपस्थिति की समीक्षा की। प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाया जा रहा था। वहीं, पदस्थ पांच शिक्षकों में से केवल प्रधानाध्यापक उपस्थित मिले। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और अध्यापन व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। स्कूल की बाउंड्रीवॉल के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा जर्जर शौचालय हटाने को भी कहा।

आंगनवाड़ी में मिले केवल तीन बच्चे

आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण में मात्र तीन बच्चे उपस्थित मिले। कलेक्टर ने बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और पोषण व प्रारंभिक शिक्षा संबंधी गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिटोल में ओपीडी, प्रसव, गर्भवती महिलाओं की जांच और आयुष्मान योजना की समीक्षा की। यहां प्रतिदिन 15 से 18 प्रसव संबंधी सेवाएं तथा एक माह में करीब 360 प्रसव दर्ज होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

जल चौपाल में हैंडपंप और सिंचाई की समस्या उठाई

ग्राम कालाखूंट के मोदी फलिया में आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों ने हैंडपंप की आवश्यकता और भुर्जी फलिया सहित आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने की समस्या बताई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने, हैंडपंपों का रखरखाव और पुराने कुएं की सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही तालाब के पानी का सिंचाई में उपयोग करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।

कलेक्टर ने कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों से कम पानी में तैयार होने वाली फसलें अपनाने और जल संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने गांवों में जलदूत तैयार कर जनसहभागिता से जल स्रोतों के संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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