भूपेंद्र नायक, पिटोल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार संचालित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को झाबुआ विकासखंड के पिटोल स्थित दशहरा मैदान में जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिविर का उद्देश्य आमजन की समस्याओं एवं लंबित प्रकरणों का त्वरित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना रहा। शिविर में नागरिकों द्वारा विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किए गए।

प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान राज्य सरकार का अभिनव प्रयास है, जिसके माध्यम से प्रत्येक शुक्रवार को शासन के प्रतिनिधि, कलेक्टर एवं जिला अधिकारी आमजन के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। यह अभियान गरीबों, वंचितों एवं आम नागरिकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन-विश्वास अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन के कार्यों के प्रति जनता का विश्वास सुदृढ़ करने का माध्यम है। अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी मंत्री डॉ. शाह ने दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए प्रत्येक शुक्रवार को विकासखंड मुख्यालयों पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे दिव्यांगजनों को जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधार अपडेट एवं समग्र ई-केवाईसी के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इन प्रक्रियाओं के अभाव में शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध हो। जिले में कोई भी पात्र परिवार कच्चे एवं असुरक्षित आवास में रहने को मजबूर न हो, इसके लिए आवास निर्माण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने आगामी दो वर्षों में पात्र परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने पर जोर दिया।

*सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण एवं विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन पर विशेष जोर*
प्रभारी मंत्री डॉ. शाह ने शिक्षा सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए बताया कि जिले में वर्तमान में 7 सांदीपनि विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने जिले के 6 विकासखंडों में लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से 6 विद्यालयों के निर्माण की घोषणा की। साथ ही कलेक्टर को स्थानीय आवश्यकताओं एवं मांग के आधार पर परीक्षण कर अतिरिक्त सांदीपनि विद्यालयों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी समय में सांदीपनि विद्यालयों बस व्यवस्था में प्रस्तावित परिवर्तन के संबंध में बताते हुए कहा कि इसके अंतर्गत पात्र बस संचालकों को प्रति विद्यार्थी 2,100 रुपये का भुगतान किया जाएगा तथा बसों के संचालन के लिए 7 वर्ष का अनुबंध प्रस्तावित किया जाएगा। विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि बस संचालन में स्थानीय जनजातीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन युवाओं के पास व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस हैं, उन्हें आदिवासी वित्त विकास निगम के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने विद्यालयों में शिविर लगाकर पात्र युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने तथा जनजातीय युवाओं को व्यावसायिक लाइसेंस प्राप्त करने में सहयोग देने के निर्देश दिए। साथ ही महिलाओं को भी वाहन संचालन का प्रशिक्षण देकर महिला चालकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री डॉ. शाह ने आंगनवाड़ी केंद्रों में बेहतर अधोसंरचना एवं सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा प्रसूति सहायता एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि पात्र हितग्राहियों को समय पर प्राप्त हो। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए शासन को और अधिक जनहितैषी बनाने का आह्वान किया।

*दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक शासन की योजनाएं पहुंचाना अभियान का उद्देश्य : मंत्री निर्मला भूरिया*
महिला एवं बाल विकास सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रारंभ किए गए जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत प्रत्येक शुक्रवार को शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक नागरिक अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके निकट ही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। मंत्री भूरिया ने जिले में कम वर्षा की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जल चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग एवं कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए जल संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

*सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों में उल्लेखनीय कमी, जिले में अब तक 10 जन-विश्वास शिविर आयोजित : कलेक्टर डॉ. भरसट*
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर जिले में कुल 21 जन-विश्वास शिविर आयोजित किए जाने हैं, जिनमें से अब तक 10 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के निराकरण, शासकीय सेवाओं की उपलब्धता एवं पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि अभियान के दौरान उद्यमियों एवं हितग्राहियों से संवाद को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। अब तक 35 से अधिक संवाद गतिविधियां आयोजित की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले में सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की संख्या लगभग 8,400 से घटकर 1,400 रह गई है। लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत लगभग 10 हजार आवेदनों के निराकरण में 98 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई है तथा जिला प्रदेश में 10वें स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जिले की 262 ग्राम पंचायतों में मैदानी भ्रमण कर योजनाओं एवं सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया गया है। कम वर्षा को देखते हुए किसानों से कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाने का आग्रह किया जा रहा है। जल संरक्षण के लिए 15 ग्राम पंचायतों में जल चौपाल आयोजित की जाएगी तथा जलदूत भी तैयार किए जाएंगे।

जिलाध्यक्ष भानु भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से ऐसे पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है, जो किसी कारणवश अब तक लाभान्वित नहीं हो पाए थे। पूर्व सांसद  गुमान सिंह डामोर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के माध्यम से शासन एवं प्रशासन स्वयं नागरिकों के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।

पूर्व विधायक कलसिंह भाबर ने कहा कि शासन की विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो रही हैं, जिनका सीधा लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है। उन्होंने उद्यम संवाद के दौरान सफलता की कहानियां साझा करने वाले हितग्राहियों की सराहना करते हुए कहा कि शासन से प्राप्त ऋण का सदुपयोग कर समय पर पुनर्भुगतान करें, जिससे भविष्य में भी स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। उन्होंने युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

*उद्यम संवाद में हितग्राहियों ने साझा की स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की सफलता की कहानियां*
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित उद्यम संवाद में विभिन्न विभागों की स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित उद्यमियों ने अपने अनुभव एवं सफलता की कहानियां साझा कीं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बैंक लिंकेज योजना से लाभान्वित श्री भग्गू गरवाल, श्रीमती अंजू भाबोर एवं श्रीमती रेखा हिहोर ने आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण के अपने अनुभव बताए।

इसी प्रकार मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त विकास निगम की भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित श्री प्रेमकुमार गामड़ ने इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान, उद्यानिकी विभाग की पीएम-एफएमई योजना से लाभान्वित तेजस गुप्ता ने मसाला उद्योग, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की स्वरोजगार योजना से लाभान्वित अभिमन्यु ठाकुर ने स्टील फर्नीचर निर्माण तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजना से लाभान्वित श्री वीरेंद्र नायक ने डेयरी व्यवसाय के संबंध में अपने अनुभव साझा किए।

*विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रदान किए गए हितलाभ*
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के जिला स्तरीय शिविर में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बैंक लिंकेज योजना के अंतर्गत 4 स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के संचालन के लिए कुल 33 लाख रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। मुद्रा ऋण योजना के अंतर्गत शर्मिला मेड़ा को बकरी पालन हेतु 69 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की बैंक ऋण आधारित बकरी पालन योजना (10+1) के अंतर्गत  डूंगरसिंह मेड़ा,  तारसिंह मेड़ा, थावरी मेड़ा एवं  बीजू मेड़ा को बकरी पालन के लिए प्रत्येक को 77 हजार रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त विकास निगम की भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत  नरसिंह बवेरिया को लोडिंग वाहन के लिए 8 लाख 90 हजार रुपये की सहायता से संबंधित डेमो चाबी प्रदान की गई। टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के अंतर्गत श्रीमती लक्ष्मी भाभोर को किराना दुकान संचालन हेतु 80 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएम-एफएमई) के अंतर्गत श्री तेजस गुप्ता को मसाला उद्योग के लिए 22 लाख रुपये तथा राधु सिंगाड़िया को फ्लोर मिल के लिए 2 लाख 51 हजार रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत संस्कार बड़दवाल को होटल व्यवसाय के लिए 7 लाख 50 हजार रुपये का डेमो चेक प्रदान किया गया।

शिविर में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रदान की गई। साथ ही दिव्यांगजनों को संबंधित प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं, पात्रता संबंधी प्रावधानों एवं आवेदन प्रक्रियाओं की जानकारी देकर नागरिकों को जागरूक किया गया। शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण एवं पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधिगण, पुलिस अधीक्षक  देवेन्द्र पाटीदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी एस सोलंकी, सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी, बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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