रितेश गुप्ता, थांदला आचार्यश्री उमेशमुनिजी ‘अणु’ की पावन स्मृति में प्रतिवर्ष वर्षावास में आसोज वदी नवमी से आसोज वदी ग्यारस तक समस्त श्री संघों में एक समान एक साथ तीन दिवसीय ‘अणु स्मृति दिवस’ प्रवर्तकश्री जिनेन्द्रमुनिजी म .सा. एवं धर्मदास गण के समस्त साधु-साध्वीजी की पावन प्रेरणा से जप, तप, त्याग, तपस्या व विभिन्न आराधनाओं के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष प्रदीप गादिया व सचिव हितेश शाहजी ने बताया कि यहां पौषध भवन पर वर्षावास हेतु विराजित आचार्यश्री उमेशमुनिजी के सुशिष्य प्रवर्तकश्री जिनेन्द्रमुनिजी के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेन्द्रमुनिजी, संदीपमुनिजी, जंयतमुनिजी, प्रशस्तमुनिजी आदि ठाणा – 8 व साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी, प्रियशीलाजी, दीप्तिजी ठाणा – 4 के सानिध्य में ‘अणु स्मृति दिवस’ के तहत तीन दिवसीय आराधना का आयोजन हुआ। इस आराधना प्रसंग को लेकर श्री संघ के प्रत्येक सदस्य में अभूतपूर्व उत्साह छलक रहा था हर किसी को इस महत्वपूर्ण प्रसंग के आने का बेसब्री से इंतजार रहता हैं। ताकि इस समय पर अधिक से अधिक आराधना करने का लाभ ले सके। प्रसंग को लेकर संयमी आत्माओं की विशेष प्रेरणा यह आराधना 4 अक्टूबर रविवार से प्रारंभ होकर 6 अक्टूबर मंगलवार तक चली । तीन दिवसीय इस आराधना में श्रावक-श्राविकाओं व बच्चों ने बढ़-चढ़कर उत्साहपूर्वक समस्त आराधनाओं में भाग लिया । तीन दिवसीय ‘अणु स्मृति दिवस’ पर आराधना करवाने को लेकर साधु-साध्वीजी की भी विशेष प्रेरणा रहती है। श्री ललित जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष प्रांजल लोढ़ा व सचिव प्रांजल भंसाली ने बताया कि तीन दिवसीय आराधना के तहत प्रथम दिन समस्त श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक छत्तीस वंदना की । वहीं अणु चालीसा का पाठ व गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ ।श्रावक श्राविकाओं ने सामायिक का बेला दो दो सामायिक की आराधना की। 5 अक्टूबर को धर्मसभा में अणु चालीसा का पाठ हुआ। मुनि व साध्वी मंडल ने आचार्य भगवंत का गुणानुवाद किया । श्रावक-श्राविकाओं ने सामायिक का बेला दो दो सामायिक की ।। वही आराधना के अंतिम दिन अणु स्मृति दिवस 6 अक्टूबर मंगलवार को नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप व अणु चालीसा का पाठ हुआ अणु गुणानुवाद के तहत मुनि व साध्वी मंडल ने आचार्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला । श्रावक- श्राविकाओं ने व्याख्यान में सामायिक का तेला तीन तीन सामायिक की आराधना की । दोपहर में आचार्य श्री उमेशमुनिजी के जीवन पर आधारित लिखित परीक्षा का आयोजन भी हुआ । रात्रि में एक शाम गुरु के नाम गुरु भक्ति गीत स्तवन के साथ रात्रि संवर की आराधना भी हुई। 300 से अधिक सामूहिक एकासन के तेले अणु स्मृति दिवस के तीनों दिन मिलाकर 300 से अधिक सामूहिक एकासन तप का आयोजन हुआ । जिसमें बड़ी संख्या में आराधकों ने एकासन के तेले तप की आराधना की सामूहिक एकासन के तेले स्थानीय महावीर भवन पर हुए । सामूहिक एकासन करवाने का लाभ श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ने लिया । एक वर्ष आराधना का संकल्प श्रावक-श्राविकाओं द्वारा एक वर्ष में अणु चिंतन निश्रर पुस्तक पढ़ना , एक वर्ष तक घर में रहते कच्चा पानी पीने का त्याग , एक वर्ष तक नृत्य नहीं करना , एक वर्ष तक सिनेमा घर में जाकर फिल्म नहीं देखना आदि के प्रत्याख्यान का संकल्प भी लिया । 4 अक्टूबर से 25 दिवसीय सिद्ध भक्ति तप की आराधना भी प्रारंभ हो चुकी है समापन 29 अक्टूबर को होगा । धर्मदास गण परिषद ने किया था आराधना का आह्वान अखिल भारतीय श्री धर्मदास गण परिषद एवं गण की समस्त संस्थाओं के अलावा, स्थानीय श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, श्री ललित जैन नवयुवक मंडल, श्री धर्मलता जैन महिला मंडल, अणु तरूण मंडल , अखिल भारतीय श्री चंदना श्राविका संगठन डूंगर प्रांतआदि ने समस्त श्रावक-श्राविकाओं से तीन दिवसीय ‘अणु स्मृति दिवस’ के तहत अधिक से अधिक आराधना करने का व लाभ लेने का आह्वान किया था । Post navigation थांदला में डूंगर प्रांत का भव्य प्रश्न मंच का हुआ आयोजन हनुमंत कथा के समापन पर उमड़ा आस्था का सैलाब, जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों से गूंजा मेघनगर