लोहित झामर, मेघनगर धर्मनगरी मेघनगर में तीन दिवसीय भव्य हनुमंत कथा एवं दिव्य दरबार का गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच भव्य समापन हुआ। आश्रय परिसर, थांदला रोड रेलवे ब्रिज के सामने आयोजित इस धार्मिक आयोजन के अंतिम दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मेघनगर नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे। गड़ावदिया धाम से पधारे पीठाधीश्वर परम पूज्य श्रीधर बैरागी जी महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालुओं ने हनुमंत कथा का रसपान किया। महाराज ने भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमानजी के जीवन चरित्र का वर्णन करते हुए उनकी अद्भुत भक्ति, सेवा, समर्पण, शक्ति और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हनुमानजी का जीवन हमें भक्ति के साथ सेवा, संस्कार, विनम्रता, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। *जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा कथा परिसर* कथा के दौरान पूरा आश्रय परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। महाराज के मुख से हनुमानजी की महिमा का वर्णन होते ही श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा स्थल पर लगातार गूंजते “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अंतिम दिवस पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान हनुमानजी के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। *दिव्य दरबार में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे श्रद्धालु* हनुमंत कथा के अंतिम दिन आयोजित दिव्य दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं अन्य परेशानियों को लेकर दरबार में पहुंचे और अपनी समस्याएं महाराज के समक्ष रखीं। विवाह, पारिवारिक समस्याओं सहित विभिन्न परेशानियों से जूझ रहे लोगों ने अपनी अर्जी लगाई। गंभीर बीमारियों और जीवन की अन्य कठिनाइयों से परेशान लोग भी आध्यात्मिक मार्गदर्शन की अपेक्षा लेकर दरबार में पहुंचे। महाराज एवं आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं को आस्था, सकारात्मकता और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। *तीन दिनों तक मेघनगर में गूंजता रहा राम नाम* तीन दिनों तक चले इस भव्य धार्मिक आयोजन ने मेघनगर में भक्ति, धर्म और सनातन संस्कृति की अलख जगाई। कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भावुकता दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए आयोजन समिति एवं सभी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति ने कहा कि मेघनगर एवं आसपास के क्षेत्र में सदैव धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन होते रहे हैं। ऐसे आयोजनों को सफल बनाने में मातृशक्ति एवं श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। समिति ने कहा कि तीन दिनों तक श्रद्धालुओं ने जिस उत्साह, अनुशासन और श्रद्धा के साथ आयोजन में सहभागिता की, वह अपने आप में प्रेरणादायी है। आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं, मातृशक्ति, कार्यकर्ताओं एवं मीडिया साथियों का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया ने धार्मिक आयोजन की खबरों कजन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राम नाम और हनुमान भक्ति के जयकारों के साथ संपन्न हुआ यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन मेघनगर के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति का यादगार अवसर बन गया। Post navigation थांदला के नंदन आचार्यश्री उमेशमुनिजी म.सा.की स्मृति में तीन दिवसीय अणु स्मृति दिवस मनाया ग्राम बोरी में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, झूमे श्रद्धालु