नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये लेने का आरोप, पूर्व सीएमओ के कार्यकाल की नियुक्तियों की जांच की मांग

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जितेंद्र वर्मा, जोबट

नगर परिषद जोबट में नौकरी लगाने के नाम पर एक शिक्षित आदिवासी युवक से कथित तौर पर 1 लाख 35 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने नगर परिषद के तत्कालीन सीएमओ संतोष राठौड़ के कार्यकाल के दौरान एक कर्मचारी पर नौकरी दिलाने के नाम पर राशि लेने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्राम कोसदुना निवासी राजू सिंह मौर्य के अनुसार, वर्ष 2023 में उसे नगर परिषद जोबट में दैनिक वेतनभोगी (कलेक्टर रेट) के तहत वाल्वमैन के पद पर काम पर रखा गया था। आरोप है कि स्थायी नियुक्ति दिलाने के नाम पर उससे पहले 35 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में 50-50 हजार रुपये लिए जाने का आरोप है। पीड़ित का दावा है कि इस तरह उससे कुल 1 लाख 35 हजार रुपये लिए गए, लेकिन राशि देने के बावजूद उसे स्थायी नियुक्ति नहीं मिली।

40 हजार रुपये और मांगने का आरोप

पीड़ित राजू सिंह का आरोप है कि स्थायी नियुक्ति के संबंध में तत्कालीन सीएमओ से मुलाकात के बाद उससे कथित तौर पर 40 हजार रुपये और देने की मांग की गई। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसने अतिरिक्त राशि देने में असमर्थता जताई। इसके बाद उसे काम से हटा दिया गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि करीब 9 माह का वेतन अब तक बकाया है।

अन्य युवाओं से भी राशि लेने का दावा

राजू सिंह ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अन्य बेरोजगार आदिवासी युवाओं को भी नौकरी एवं स्थायीकरण का झांसा देकर राशि लिए जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

*पूर्व सीएमओ ने कहा-* मामले की जानकारी नहीं

मामले में तत्कालीन सीएमओ संतोष राठौड़ से पक्ष जानने पर उन्होंने मामले की जानकारी होने से इनकार किया और कहा कि वे मामले को दिखवाएंगे।*

अब मांग उठ रही है कि नगर परिषद जोबट में तत्कालीन सीएमओ के कार्यकाल के दौरान हुई दैनिक वेतनभोगी नियुक्तियों और स्थायीकरण से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके।

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