लोडसेटिंग का दंश: ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से आक्रोश, पक्ष-विपक्ष की खामोशी पर उठे सवाल

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लोकेंद्र चाणोदिया, बामनिया 

जिले भर के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों लोडसेटिंग के नाम पर अघोषित विद्युत कटौती का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बिना किसी पूर्व सूचना के दिन हो या रात, किसी भी समय बिजली बंद कर दी जाती है। विशेष रूप से रात के समय तीन से चार बार हो रही कटौती ने ग्रामीणों की नींद उड़ा कर रख दी है। इस भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित कटौती से परेशान ग्रामीण अब उग्र आंदोलन की मंशा बना रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि लोडसेटिंग का यह सारा दंश सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों को ही झेलना पड़ रहा है, जबकि शहरी क्षेत्र इस कटौती से पूरी तरह मुक्त हैं।

विपक्ष गायब, सत्ताधारी बेफिक्र: आमजन सिर्फ वोट बैंक?

ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर जिले के राजनीतिक गलियारों में पूरी तरह चुप्पी छाई हुई है। विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस कहीं भी सड़कों पर नजर नहीं आ रही है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि आमजन को सिर्फ चुनाव के समय वोट बैंक समझा जाता है। वहीं सत्ताधारी भाजपा नेताओं की स्थिति यह है कि वे ‘सत्ता में होने’ की दुहाई देकर विरोध से बचते दिख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नेताजी भले विरोध न करें, लेकिन कम से कम समस्या का समाधान तो निकालें या फिर आम जनता को यूं ही बिजली कटौती के दंश में जीने के लिए छोड़ दें।

विद्युत मंडल ने जारी किया स्टीकर: “धैर्य रखें, कटौती तो होगी!”

दूसरी ओर, विद्युत मंडल ने समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय एक स्टीकर जारी कर आम जनता से धैर्य रखने की अपील की है। विभाग के इस रवैये से साफ जाहिर होता है कि कटौती से फिलहाल कोई राहत मिलने वाली नहीं है और ग्रामीणों को इसी तरह परेशान होना पड़ेगा।

क्या कहा जन-प्रतिनिधि और अधिकारी ने

कांग्रेस नेता व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष (पेटलावद), सलीम शेख ने कहा “मेरे द्वारा विद्युत मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधी चर्चा की गई है। साथ ही स्थानीय विधायक विक्रांत भूरिया को भी इस गंभीर समस्या से अवगत करा दिया गया है। कांग्रेस जल्द ही इस अघोषित बिजली कटौती के विरोध में उग्र आंदोलन करेगी।”

राजाराम सोलंकी, जे.ई., विद्युत मंडल कार्यालय (बामनिया) ने कहा “वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के आधार पर ही विद्युत प्रदाय बंद किया जा रहा है। बिजली बंद करने के कुछ ही समय पहले हमें ऊपर से सूचना प्राप्त होती है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई होती है।”

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