लोकेंद्र चाणोदिया , बामनिया
मैंटेनेस के लिए रेलवे फाटक को 31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक 12 से 4 बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया है। लेकिन सोमवार को रेलवे फाटक शाम करीब 6 बजे खुली। इससे जहां एक ओर रेलवे फाटक के दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं दूसरी ओर लगभग 6-7 स्कूली बसें भी कतार में खड़ी होने से लगभग 250 स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे ने 5 बजे तक रेलवे फाटक नहीं खोली थी। जिसके बाद लगभग 4 मालगाडिय़ों को निकालने के बाद रेलवे फाटक को लगभग 6 बजे खोला गया। इससे लोगों को करीब 6 घंटे तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। फाटक खुलने के बाद वाहन की आवजाही अचानक से बढ़ जाने के कारण रेलवे फाटक क्रासिंग पर बार.बार जाम की स्थिति निर्मित होती रही। इस कारण मुख्य चौराहे पर भी बार-बार जाम लगता रहा। रेलवे फाटक पर आवाजाही शुरू हो जाने के बाद मेमू ट्रेन को होम सिग्नल पर करीब 10 मिनट रोका गया। मेमू को निकालने के लिए फिर से रेलवे फाटक बंद की गई और मेमू को बामनिया स्टेशन पर लाया गया। जिसके बाद रेलवे फाटक पुन: शुरू की गई। रेलवे ने फाटक बंद करने की सूचना पूर्व में ही ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन को दे दी थी। बावजूद इसके स्थानीय ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन ने छोटे वाहनों की आवाजही के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। इस कारण उन्हें भी प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों और अन्य लोगों का कहना है कि रेलवे 10 मीटर के मेंटेनस कार्य के लिए 7 दिन का समय लगा रहा हैए जो कि समझ से परे है। जबकि रेलवे कार्य तेज गति से करने के लिए जाना जाता है।
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