नानपुर से जितेंद्र वाणी लॉक डाउन से जिले की ग्रामीण में अक्सर यूट्यूब पर वीडियो देखने में समय गुजर रहा है। जिले के 2 युवा ऐसे भी हैं जिन्हें इसी यूट्यूब से कमाई हो रही है। इस कमाई का जरिया बने हैं इसी यूट्यूब के वीडियो। ये युवा खुद आदिवासी वीडियो बनाते हैं और यूट्यूब पर अपलोड करते हैं। इनके यूट्यूब चैनल के सब्सक्राइबर एक लाख तक पहुंच चुके हैं। इसका ही नतीजा है कि इन्हें यूट्यूब का सिल्वर प्ले बटन अवार्ड मिला है। राजू मण्डलोई ने बताया कि वीडियो अपलोड करने के साथ ही शुरू हुई कमाई हमारे ग्रामीण में आदिवासी का डांस ग्रुप है। हर किसी जगह शादी या पार्टी में अपना प्रदर्शन करते थे। एक दिन विचार आया क्यों न डांस का वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करें। इस विचार ने इनकी जिंदगी बदल दी।पहले ही वीडियो को एक दिन में 10 हजार लाइक्स मिले। एक हजार लोगों ने सब्सक्राइब किया। लोगों के रुझान ने इन्हें आगे और वीडियो बनाने की प्रेरणा दी। 3 साल में इन्होंने 400 वीडियो बनाकर अपलोड किए हैं। हजारों की संख्या में व्यूज मिलने पर इनकी कमाई शुरू हो गई। महीने के 15 से 20 हजार रुपए यूट्यूब की ओर से आते हैं। सब्सक्राइबर की संख्या एक लाख पहुंच गई है। इसके चलते यूट्यूब ने अवार्ड दिया है। यूट्यूब पर इनकी सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इनके एक वीडियो भोले को एक करोड़ से अधिक व्यूज मिले हैं।अपने वीडियो में क्षेत्र के प्रमुख स्थानों व प्रतिभाओं को भी मौका यूट्यूब चैनल पर अन्य टैलेंट को भी मौका देते है। इनमें बाल कलाकार तक शामिल हैं। इनका कहना है कि जब हमें पता चलता है कि कोई युवा डांस या सिंगिंग में प्रतिभा रखता है तो उसे भी मौका देते है। आगामी दिनों में म्यूजिक स्टूडियो भी शुरू करने वाले हैं जहां कई अन्य को मंच मिल पाएगा। इनके वीडियो में लोकेशन शहर और जिले के स्थान होते है। इनमें स्मृति वन, मेनाल या शहर के प्रमुख रेस्टोरेंट, होटल या कैफे होते हैं। Post navigation ढोल मांदल के साथ गैर निकाली *उमंग व उत्साह के साथ संपन्न हुआ भगोरिया*