झाबुआ। 10 नवंबर को आयोजित होने वाली जिला योजना समिति की बैठक का पूर्णत: बहिष्कार करने की बात जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया ने कही। भूरिया ने कहा कि इस बैठक में वह स्वयं हिस्सा नहीं लेने के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि व सभी जिला पंचायत सदस्य इसमें शामिल नहीं होंगे। भूरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी जिला योजना की बैठक होती है, तो इसकी पूर्व सूचना महज दो-तीन दिन पूर्व ही जनप्रतिनिधियों एवं जिला पंचायत सदस्यों को दी जाती है, जिससे वह पूर्व तैयारी नहीं होने से बैठक में अपना एजेंडा एवं अपना पक्ष मजबूत तरीके से नहीं रखा पाते है। विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा में भी अधिकारियों द्वारा एक तरफा सौ फीसदी लक्ष्य पूर्ण बता दिया जाता है, जबकि धरातल स्तर पर स्थिति जनप्रतिनिधि एवं जिला पंचायत सदस्य जानते है, लेकिन उनसे न तो राय ली जाती है और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने दिया जाता है। भूरिया ने बताया कि उन्हें बैठक की सूचना मंगलवार को मिली है और 10 नवंबर गुरूवार को बैठक आयोजित कर दी गई है। दूसरी ओर निर्धारित अवधि में यह बैठके भी नहीं होती है। महज औपचारिकताएं पूर्ण की जाती है। प्रभारीमंत्री का जिले की ओर नहीं ध्यान- भूरिया ने इस दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा बैठक लिए जाने एवं उनके किए जाने वाले दौरे को भी महज औपचारिक बताया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रभारी मंत्री का जिले से कोई लगाव ही नजर नहीं आ रहा है। वे महीने में एकाध बार भी जिले की ओर झांककर नहीं दिख रहे है। उन्हें अपनी विधानसभा क्षेत्र एवं भोपाल से लगाव है, वहां से उनका मोह नहीं जा रहा है और इस जिले को वे पूर्णत: उपेक्षित कर रहे है। बैठक का करेंगे पूर्णत: बहिष्कार- भूरिया ने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों के चलते वह स्वयं बैठक में शामिल नहीं होने के साथ ही जिपं उपाध्यक्ष एवं समस्त जिला पंचायत सदस्य भी इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे एवं इसका पूर्ण रूप से बहिष्कार करते हुए प्रभारी मंत्री एवं जिला प्रशासन के समक्ष अपना विरोध प्रकट करेंगे। Post navigation तीर्थ स्थल पिपलखुंटा में आंवला नवमी पर होगा अन्नकूट महोत्सव भारतीय जैन संगठन के जिला महामंत्री बने ओएल जैन