सलमान शैख़, झाबुआ Live…
डीजे के शौकिन लोग कों अब सावधान रहने की जरूरत है। क्योकि थोड़ी सी असावधानी आपके सारे सपनों पर पानी फेर देगी। अब इसको लेकर एसडीएम आईएएस हर्षल पंचोली काफी कड़े तेवर अपना रहे है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी है कि डीजे आदि नहीं बजाया जा सकता है। लेकिन इसकी सब जगह अनदेखी की जा रही थी, जिसे देखते हुए प्रशासन अब डीजे पर अपनी पैनी नजर गड़ाये हुए है। तेज आवाज में डीजे बजता मिला तो न सिर्फ डीजे संचालक को खामियाजा भुगतना होगा बल्कि आयोजक पर भी कार्यवाही की जायेगी।
आज सोमवार को जब तहसील कार्यालय के सामने से तेज आवाज में डीजे बजता हुआ निकला तो एसडीएम में तत्काल नायब तहसीलदार को भेजकर उसे जब्त कराया और कानूनी कार्यवाही के निर्देश भी दिए।

नहीं हो रहा था नियमों का पालन 
बता दे कि मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक ध्वनि विस्तारक यंत्रों से उत्पन्न होने वाले शोर की आवृत्ति दिन में 65 तथा रात में 55 डेसीबल होनी चाहिए। बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा था। देर रात तक इन ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज गली मोहल्लों में सुनाई दती रहती है। शादियों का सीजन चल रहा है, लेकिन अपनी खुशी में लोग ये भूल जाते हैं कि स्कूलों व कॉलेजों में परीक्षाएं चल रही हैं और ये परीक्षाएं उनकी शादी से ज्यादा जरूरी हैं। अक्सर तेज आवाज से बज रहे डीजे को लेकर हो रहे बवाल को देखते हुए एसडीएम ने यह कदम उठाया है।

छात्रों को हो रही परेशानी:
आम लोगों के अलावा सबसे ज्यादा परेशानी इन दिनों छात्रों को उठानी पड़ रही है। स्कूलों में परीक्षाओं का दौर चल रहा है। कुछ ही दिनों बाद बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने वाली है। ऐसे में शोर उनकी पढ़ाई में बाधा बनकर खड़ा हुआ है। ऐसे में परिजनो को चिंता सता रही है कि कही इस शोर-शराबे से बच्चों का भविष्य चौपट न हो जाए।

लगाया जाएगा जुर्माना, होगी एफआईआर
रात में दस बजे बाद यदि कहीं पर भी तेज गति का डीजे सुनाई दिया तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। संबंधित मकान मालिक, बारातघर मालिक से जुर्माना वसूल किया जाएगा।

लोग यहां कर सकते हैं शिकायत:
– शहर में कोलाहल अधिनियम लागू है। यदि कोई शोर कर रहा है तो आप इसकी शिकायत संबंधित थाने में कर सकते हैं।
– पब्लिक न्यूसेंस के तहत संबंधित एसडीएम से शिकायत की जा सकती है।
– रात 10 बजे के बाद डीजे का शोर हो रहा है तो पुलिस कंट्रोल रूम संबंधित थाने के फोन पर पुलिस को सूचना दे सकते हैं।
*एक्सपर्ट कमेंट*
&लगातार ध्वनि प्रदूषण के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता में कमी आ सकती है। बच्चों के कान के पर्दे खराब हो सकती हैं, पढ़ाई के दौरान ध्यान भंग होता है। बैंड पार्टियों, डीजे में मानक डेसीबल ये अधिक आवाजों पर ध्वनि प्रदूषण देखा जाता है।
-डॉ. सन्दीप, विशेषज्ञ।

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