मेघनगर से भूपेंद्र बरमंडलिया की रिपोर्ट- लगातार सुर्खियों में छाए शासकीय बालक हायर सेकंडरी के संकुल प्रभारी दर्शन सिंह डावर के कार्यकाल में रंभापुर संकुल क्षेत्र के स्कूलों पर समय से पहले ही ताले लग जाते है। अंधेर नगरी चोपट राजा की कहावत रंभापुर क्षेत्र में चरितार्थ होती दिखाई दी जहां का राजा ही खुद अपने समय पर विद्यालय नहीं पहुंचता है तो अपने संकुल के अंतर्गत आने वाली स्कूलों का निरीक्षण आखिर कैसे करेगा? ऐसे में जब मीडियाकर्मी स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचे तो कई स्कूलों पर समय से पहले ही ताले लगे नजर आए। ऐसे में कलेक्टर के आदेश को न सिर्फ संकुल प्रभारी ने मजाक समझ रखा है, बल्कि संकुल अंतर्गत आने वाले स्कूलों के शिक्षक भी संकुल की प्रभारी की तर्ज पर अपनी मनमानी कर रहे है और समय से पहले ही स्कूल से घर की ओर रवाना हो जाते हैं। वही जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई के बजाय अपने आफिस में गर्मी में कूलर की ठंडी हवा का आनन्द लेकर कागजी घोड़े दौड़ाने में मशगुल है। मध्यप्रदेश शासन के आदेशानुसार एक अप्रैल से नवीन स्तर शुरू करने के आदेश शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये जा चुके है जिसके चलते जिले से लेकर हर ग्रामीण इलाको में स्कूल को खोलकर समयानुसार अध्ययन कार्य शुरू करे। कलेक्टर आशीष सक्सेना द्वारा स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया था जिसके अंतर्गत सवेरे 7 से दोपहर 12 बजे तक का समय का आदेश जारी किया गया, जिसके चलते विद्यार्थी समयानुसार शाला पहुंचकर ज्ञान अर्जित कर रहे है तो दूसरी ओर प्राचार्य दर्शन सिंह डावर जो की संकुल प्राचार्य भी है अपनी मर्जी अनुसार शाला में आकर अपने नियमानुसार सरकारी कामकाज कागजों पर निपटा रहे हैं। वहीं शासन शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए इसलिए खर्च कर रहा है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर भारत के भविष्य की सुनहरी गाथा लिखने की कवायद की जा रही है परन्तु वर्षो से एक ही जगह सेटिंग से जमे या उपरी मलाई से अपने उपरी आकाओ को खुश करने बाले संकुल प्रभारी मध्यप्रदेश सरकार की योजनाओं को मात्र कागजो पर दर्शाकर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है और इसका खामियाजा ग्रामीण अंचल की स्कूले समय से पहले ही बंद हो जाती है। अप डाउन के चलते आ रही समस्या – इस मामले में पड़ताल के बाद यह बात समाने आई है की रम्भापुर प्राचार्य दर्शन सिंह डावर के रतलाम से रोजाना अप-डाउन की वजह से समस्या आ रही है। क्योकि संकुल प्राचार्य दर्शनसिंह डावर आये दिन 9 से 10 बजे मेघनगर ट्रेन से पहुंचते है और जानकर सूत्रों की माने तो कुछ समय स्कुल में व्यतीत कर पुन: अपने घर रतलाम जाने के लिए बाइक से मेघनगर रेलवे स्टेशन आ जाते है जिसके चलते रंभापुर शाला ही नहीं बल्कि संकुल के अंतर्गत आने वाले स्कुल भी प्रभावित हो रहे है। जिम्मेदार बोल- अगर शिक्षा के कार्यों लापरवाही बरती जा रही है तो जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। – आशीष सक्सेना, कलेक्टर Post navigation 718वीं सेन जयंती पर समाजजनों ने शोभायात्रा निकाल लिया बेटी बचाओ-नशामुक्ति का संकल्प जय भीम जागृति समिति ने डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती पर निकाली विशाल कलश यात्रा