झाबुआ लाइव के लिए मेघनगर से भूपेंद्र बरमंडिलया की रिपोर्ट- प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के तहत पूरे मेघनगर विकासखंड में शौचालयों का निर्माण समयावधि में होना था। अनेकों ग्रामों मे शौचालयों का निर्माण भी हुआ, मगर शौचालयों की गुणवत्ता तो देखने से ही पता चल रहा है कि या तो निर्माण कार्य को गंभीता से नही किया गया है और सिर्फ औपचारिकताएं पूरी करना ही मुख्य लक्ष्य रहा है या फिर निर्माण कार्य को लेकर व्याप्त भ्रष्टाचार इसके पाष्र्व में रहा होगा। वर्तमान में तो विकासखंड मे इन निर्मित शौचालयों की हालत काफी दयनीय है और आज भी अनेकों जगह शौचालय तो आधे अधूरे पड़े हैं। अनेकों शौचालयों में खड्डे ही गायब है। मात्र पाइपों का ही सहारा है, जिससे शौचालयों के आसपास गंदगी का अंबार लग रहा है और अनेकों संक्रामक बीमारियों के फैलने से इंकार भी नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में वायरल बुखार, मलेरिया आदि के प्रकोप से पूरा अंचल ग्रस्त है ऐसे मे ये घटिया एवं अमानक स्तर के बनाए गए शौचालय बीमारियों को फैलाने मे मददगार साबित हो रहे हैं। गौरतलब है कि निर्मित किए गए शौचालयों में कहीं तो छत के पतरे ही गायब हैै और केवल औपचारिक रूप से नामामत्र के शौचालय दिखाई दे रहे हैं। जिला प्रशासन के पूर्व प्रसारित निर्देशों की पूरी तरह अनदेखी गई है और वही खास बात तो यह है कि उक्त सभी शौचालयों का पेमेंट भी हो चुका है। ऐसे में जिला प्रशासन को इसका गंभीरता से सत्यापन करके दोषियोंं के खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए। Post navigation भाजपा ने फूंका दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजीवाल का पुतला पीडि़ता को अकेला पाकर किया दुराचार