जीवनलाल राठौड़, सारंगी महिलाएं अपने घर में सुख-शांति अन्न, धन लक्ष्मी का भंडार भरा रहे इसलिए शीतला सप्तमी पर सुबह महिलाएं जल्दी उठकर शीतला माता मंदिर पर पहुंचकर माता की पूजन करती है। किवदंति है कि इस दिन परिवार के सभी सदस्य ठंडा ही भोजन करते हैं एक दिन पहले भोजन बना लिया जाता है ऐसा करने से मां की असीम कृपा बनी रहती है माताएं पूजन करने के बाद घर की दीवारों पर मां के नाम से स्वस्तिक के निशान बनाती है तथा मां से आराधना करती है मेरे पूरे परिवार पर कृपा बनी रहे। हर वर्ष की भांति इस बार भी मां शीतला माता की शीतला सप्तमी रविवार को प्रात दस बजे से है लेकिन इस दिन वृश्चिक राशि की भद्रा दीवा 3.52 बजे तक है इस कारण से मां शीतला की पूजा करना निषेध है। मां शीतला माता की पूजा करने का शुभ मुहूर्त 16 मार्च सोमवार प्रात: 3.15 बजे से 10.30 बजे तक है। अभिजित विजय मुहूर्त 11.31 बजे से 12.27 बजे तक सर्वश्रेष्ठ श्रीकार मुहूर्त है। Post navigation आमने सामने दो बाइक भिड़ंत में दो युवकों की दर्दनाक मौत कोरोना वायरसअलर्ट बामनिया हाट बाजार निरस्त नही लगेगी दुकाने