झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- शुक्रवार को पेटलावद रायपुरिया मार्ग पर शासकीय भूमि पर बनी हुई पहाड़ी को खोदने के मामले को लेकर खनिज विभाग और राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौका मुआयना किया था और खुदाई करने वाले पक्ष ने भूमि को निजी बताते हुए दस्तावेज पेश करने का फोन पर कहा था। इस दौरान शनिवार को इस मामले में नया मोड़ तब आया जब राजस्व विभाग के पटवारी के रेकार्ड अनुसार खुदाई वाला स्थान शासकीय राजस्व की भूमि होकर खनन भी बिना अनुमति के किया गया है। पटवारी हल्का नम्बर 26 अनंतखेडी द्वारा बनाए गए पंचनामा के अनुसार पेटलावद निवासी जीवन भंडारी ओर रजनीश पटवा द्वारा जेसीबी और ट्रैक्टर के माध्यम से शासकीय सर्वे नम्बर 242 रकबा 3.58 हेक्टयर की भूमि में से 6 इंच ऊंचाई और लम्बाई 102 मीटर और चौडाई 9 मीटर की कुल 51040 घन मीटर में से करीब 1700 ट्राली मुर्रम निकाल कर उनके निकटतम सर्वे नम्बर 237-1 एवं 236-4 और सर्वे नम्बर 243-2 मीन डेश 1 में डालकर खेत का समतलीकरण किया गया है, जो मुर्रम खोदा गया है। वह भूमि शासकीय सर्वे नम्बर 242 में से खोदा गया है। इस तरह से उपरोक्त दोनों व्यक्तियों के द्वारा शासकीय भूमि पर न सिर्फ अतिक्रमण किया गया है बल्कि बिना अनुमति के पहाड़ी की खुदाई करते हुए अवैध उत्खनन किया है। खनन विभाग करेगा कार्रवाई- इस संबंध में खनिज विभाग के अधिकारियों से चर्चा करने पर बताया गया कि रिपोर्ट अनुसार अवैध उत्खनन किया गया है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग भी करे कार्रवाई- मुख्यमार्ग पर स्थित इस पहाड़ी की खुदाई खुले आम लगभग 20 दिनों से चल रही है और कई लोगों द्वारा इस सम्बंध में मौखिक रूप से राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना भी दी लेकिन राजस्व विभाग के पटवारी अथवा जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा दिन दहाड़े चल रही खुदाई को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। अब जब मामला मीडिया के माध्यम से बाहर आया है तो राजस्व विभाग द्वारा अपनी शाख बचाते हुए शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने के संबंध में पृथक से प्रकरण बनाने की तैयारी की जा रही है। जानकारों की माने तो यदि राजस्व विभाग शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाए जाने के प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई करे तो अवश्य ही खुदाई करने वालों की मुसीबते बढ सकती है। Post navigation जो काम आपने नहीं मांगा वो काम शिवराज सरकार ने आपको दिया : विधायक डावर बर्ड फ्लू की आशंका के चलते पशु चिकित्सा अधिकारियों ने किया मुर्गियों का परीक्षण