जितेंद्र वाणी नानपुर 

मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले से एक दर्दनाक और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। विकास के दावों के बीच ग्राम जवानिया में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अकाल है। गांव में नदी-नाले पर पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर अंतिम यात्रा निकालनी पड़ रही है। बारिश के दिनों में उफनते नालों और कीचड़ भरे रास्तों के बीच से शव यात्रा ले जाना ग्रामीणों की मजबूरी बन चुका है।

आजादी के दशकों बाद भी आलीराजपुर जिले का ग्राम जवानिया बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। यहां के ग्रामीणों के लिए जिंदगी तो दुश्वार है ही, लेकिन मौत के बाद का सफर भी किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।

गांव में नाले पर पुलिया का निर्माण न होने से बारिश के मौसम में ग्रामीणों की मुसीबतें दोगुनी हो जाती हैं। हाल ही में सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ग्रामीण अपनी जान हथेली पर रखकर, उफनते जलभराव और फिसलन भरे रास्तों के बीच से शव यात्रा निकालने को मजबूर हैं। रविवार को चोंगड फलिया निवासी भैरूसिंह पिता बालगीर की मौत होने पर बहते पानी के बीच से उसकी शवयात्रा ले जानी पड़ी।

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पुलिया निर्माण की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। हर बारिश में गांव का संपर्क टूट जाता है और किसी का निधन होने पर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक पहुंचना एक जंग जीतने जैसा होता है।

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