झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- राष्ट्रीय पक्षी मोर पेटलावद क्षेत्र में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है वहींजिम्मदारों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं देने राष्ट्रीय पक्षी की संख्या में दिनोंदिन कमी आ रही है। इसी के साथ माही डेम के समीप ग्राम चारण कोटडा में इन दिनों मोरों की बहुत बुरी हालात हो रही है। समाज सेवी संतोष निनामा, हरीश मेड़ा, थाऊ मेड़ा ने बताया कि कुछ दिन से यहां पर मोर बीमारी के कारण मर रहे हैं तो कुछ की हालात चिन्ता जनक बनी हुई है। वन विभाग के अधिकारियों को इस बारे में सूचना देने के बाद भी इनकी सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी के नाम पर कई लोग जेब गर्म कर रहे हैं, पर असल में मोरों की चिंता किसी को नहींहै। Post navigation 16 हत्याओं के साथ ” लुट – डकैतीया” डालने वाले गैंग के तीन शातिर बदमाश धराऐ कांग्रेस कार्यालय में मनाई जाएगी शहीद आजाद की जयंती