अलीराजपुर लाइव के लिए खट्टाली से विजय मालवी की रिपोर्ट- बेशुमार रहमते और बरकतों को लेकर रमजानुल मुबारक का महीना शनिवार मगरिब की नमाज से शुरु हो गया और आज रविवार को पहला रोजा है रहमते और बरकते के इस महीने के माहे रमजान को लेकर मुस्लिम समाजजनों में15 दिनो पूर्व से ही तैयारियां करना शुरू कर दी थी और इसी के चलते घरों की सफाई के साथ मस्जिदों में भी विशेष सजावट का काम शुरु हो गया ।जो चांद देखने के साथ पूरा हो गया। अब रमजान के पूरे एक माह तक इस्लामी मायने के अनुसार माहे रमजान के अन्य महीनों से ज्यादा अजमत व बरकत वाला माना गया है कहा जाता है कि इस माह में की गई खुदा की इबादत बाकी महीनों से अफजल होती है। यही कारण है कि रमजान के 30 दिन तक मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ बढ़ जाती है और हर कोई अपने रब को मानने के लिए रोजा रख कर इबादत में मशगूल हो जाते हैं । रमजान की शुरुआत के साथ ही मस्जिदों में 20 रकात के साथ पढ़ी जाने वाली तराबी की विशेष नमाज का सिलसिला भी शुरू हो गया है। नमाज के समय पढ़ी जाने वाली इस नमाज की बड़ी फजीलत है इस दिन मुस्लिम समाज ने अपने रब को राजी के लिए सेहरी करते हुए रविवार को पहला रोजा रखा जाने का यह सिलसिला 30 दिन तक जारी रहेगा। माहे रमजान शब्द प्रेम और भाईचारे के साथ-साथ अल्लाह की इबादत का एक खास महीना है और इस माह में सदका जकात अदा करते हैं और इस्लामी धर्म के मानने वाले हर मुसलमान रमजान का बेसब्री से इंतजार करते है। Post navigation जनसहयोग से बनने वाले तालाब का गहरीकरण शुरू देश के हर व्यक्ति को कानून का ज्ञान होना चाहिए : न्यायाधीश चौहान