सलमान शैख़@ झाबुआ Live पेटलावद में इन दिनों नगर परिषद में कुछ ठीक नही चल रहा है। अपने मनमर्जी से सारे कामकाज किये जा रहे है, जिसे जो मन मे आया उस कार्य को कर रहा है, लेकिन उससे आम जनमानस को क्या नुकसान है इस ओर कोई नही देख रहा। दरअसल, नगर के डिवाइडर पर सौंदर्य बढ़ाने के लिए लगाए गए ग्रीन पेटलावद संस्था के पौधे जब पेड़ बने तो उनको काटने के लिए नगर परिषद ने रविवार को टीम लगा दी और कई जगह पेड़ो को पूरा काट दिया। नया बस स्टैंड में नीम का पेड़ जो आसपास के दुकानदारों ने पानी देकर बड़ा किया था उसे काट दिया। यह कटाई पेड़ों की छंटाई के नाम पर की गई है। जब इसका पता पर्यावरणप्रेमियों को लगी तो उनमें भारी आक्रोश पनप रहा है। ग्रीन पेटलावद मिशन की नींव रखने वाले अनिल चौधरी ने बताया नपं के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ओर अफसरो न जाने क्या समझ रखा है नगर की जनता को। नपं की कथनी करनी में कोई तालमेल नजर नही आ रहा है। एक तो पौधे लगाए नही और जब कोई दूसरा यह काम कर गया तो उसे मिटाने के लिए हर तरीका अपनाया जा रहा है। नपं के जिम्मेदारों का यह कारनामा शर्मनाक है। कल इस सम्बंध में ग्रीन पेटलावद संस्था द्वारा एक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। पेड़ों के काटने के मामले में नगर परिषद का कोई भी अफसर अब कुछ बोलने को तैयार नहीं है। इस मामले में जिम्मेदार यह दलील देकर बचने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने पेड़ों की छंटाई को कहा था। कुछ एक आध गलती से कट गया होगा। कटाई हो या छंटाई लेकिन निगम के जिम्मेदार सवालों के कटघरे में खड़े हो रहे हैं। Post navigation कैलाश विजयवर्गीय पर हमले के विरोध में पेटलावद में फूंका ममता बनर्जी का पुतला ख़ामोश खबर: मसला अतिक्रमण का…; आखिर हमेशा रोड पर क्यो अटक जाती है अतिक्रमण हटाओ मुहिम