जितेंद्र वर्मा, जोबट

अलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के ग्राम घोंसिया के पटेल फलिया निवासी करीब 40 वर्षीय भूरी बाई पति की मृत्यु के बाद बीमा क्लेम के लिए बैंक के चक्कर काट रही हैं। पति के नाम पर लोन लेते समय बीमा शुल्क भी काटा गया था, लेकिन मृत्यु के बाद अब तक बीमा राशि नहीं मिली है। सोमवार को महिला बैंक पहुंचीं तो दस्तावेजों में कमी बताकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। इसके बाद पत्रकार ने बैंक प्रबंधन से मामले को लेकर सवाल किए, जिस पर ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक के ब्रांच मैनेजर संतोष कुमार ने आवश्यक दस्तावेज जमा कराकर जल्द से जल्द क्लेम की प्रक्रिया में मदद करने का भरोसा दिया।

60 हजार रुपए का लोन, 9 किस्तें जमा

जानकारी के अनुसार, भूरी बाई के पति स्वर्गीय अबयसिंह बामनिया के नाम पर 10 जुलाई 2024 को 60 हजार रुपए का लोन स्वीकृत हुआ था। लोन की 9 किस्तें जमा की जा चुकी थीं। इसके बाद 23 मार्च 2025 को उनके पति की मृत्यु हो गई। महिला को उम्मीद थी कि लोन के साथ लिए गए बीमा से मुश्किल समय में परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी, लेकिन अब तक क्लेम का भुगतान नहीं हो पाया है।

दस्तावेजों की कमी बताकर लौटाया

भूरी बाई सोमवार को बीमा क्लेम से संबंधित काम के लिए बैंक पहुंचीं। वहां दस्तावेजों में कमी होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। ऐसे में महिला के सामने सवाल है कि क्लेम के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं और प्रक्रिया कब पूरी होगी। लंबे समय से राशि का इंतजार कर रही महिला को अब बैंक प्रबंधन से राहत मिलने की उम्मीद है।

पत्रकार के सवाल पर बैंक मैनेजर ने दिया भरोसा

मामले को लेकर पत्रकार ने ब्रांच मैनेजर संतोष कुमार से सवाल किए और महिला को क्लेम के लिए हो रही परेशानी की जानकारी ली। इस पर मैनेजर ने बताया कि भूरी बाई सोमवार को बैंक आई थीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिला के आवश्यक दस्तावेज जमा कराकर उनके पति के नाम पर हुए लोन से संबंधित बीमा क्लेम की प्रक्रिया में जल्द से जल्द मदद की जाएगी।

बीमा राशि का भुगतान संबंधित पॉलिसी की शर्तों और दावे की पात्रता पर निर्भर करेगा। ऐसे में बैंक और बीमा कंपनी को क्लेम की स्थिति, जरूरी दस्तावेज और देरी के कारण स्पष्ट करने चाहिए, ताकि भूरी बाई को बार-बार बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें और पात्र होने पर उन्हें बीमा का लाभ मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *