जितेंद्र वर्मा, जोबट दशहरा पर्व पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण दहन के बीच आलीराजपुर जिले के जोबट में सामाजिक जागरूकता की एक अनूठी पहल की गई। जोबट के दशहरा मैदान में मिशन D-3 के तहत तीन रावणों के माध्यम से समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Video-2026-10-20-at-6.26.25-PM.mp4 मिशन D-3 के अंतर्गत तीन प्रमुख विषयों को रावण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें पहला रावण दहेज प्रथा, दूसरा रावण दारू यानी शराब और तीसरा रावण डीजे को दर्शाता है। इस पहल का उद्देश्य लोगों का ध्यान इन सामाजिक मुद्दों की ओर आकर्षित करना और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए जागरूकता बढ़ाना है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरण जोबट के दशहरा मैदान में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। रावण के प्रतीकों के जरिए संदेश दिया गया कि जिस तरह दशहरे पर बुराई के प्रतीक रावण का अंत किया जाता है, उसी तरह समाज में व्याप्त कुरीतियों और समस्याओं को दूर करने के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। मिशन D-3 के तहत दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, शराब के दुष्प्रभावों से लोगों को अवगत कराने और डीजे के अनियंत्रित उपयोग से जुड़ी सामाजिक समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने का संदेश दिया गया। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की पहल इस पहल के माध्यम से युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करना है कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने और बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने का माध्यम भी बन सकते हैं। मिशन D-3 की इस पहल के जरिए एक बेहतर, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण की भावना को सामने रखा गया। संदेश यही है कि दशहरे पर केवल रावण का पुतला ही नहीं, बल्कि समाज में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प भी लिया जाए। Post navigation विधायक सेना महेश पटेल की नाराजगी के बाद जागा प्रशासन, छोटा इटारा में लगाया हैंडपंप