झाबुआ लाइव के लिए लवेश स्वर्णकार की रिपोर्ट- डॉ. शैलेंद्र बघेल की असामयिक मौत से जहा उनके परिवार और उनके गांव मोहनकोट में शोक की लहर है। वही उनके मित्र भी उसे खोकर दुखी है स्व डॉ.शैलेंद्र बघेल की असामयिक मौत से उनके मित्र भी बेहद दुखी है क्योंकि शैलेंद्र बघेल उनकी मेडिकल कॉलेज लाइफ से ही सहयोगी रहे है। डॉ का पेशा भी सहयोग की भावना का होता है यही सोचकर डॉ शैलेन्द्र अपने हर दोस्तों की मदद किया करते थे उनके सभी डॉ मित्र बताते है कॉलेज लाइफ में उनके मित्रो को जब भी अर्जेंटली पैसों की मदद होती थी वह शैलेन्द्र से मदद लिया करते थे। डॉ शैलेन्द्र भी बिना सोचे विचारे अपने मित्रों के लिए हर समय तैयार रहते है। कई मित्र तो आज ही बड़ौदा जाकर शैलेन्द्र की तबीयत की खबर लेने उनके पिता के पास पहुंचे थे और शाम 6 बजे उनके दोस्तों के घर पहुंचने के पहले ही मददगार और सहयोगी दोस्त की मौत की खबर सुनकर ही उन सभी मित्रों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वही शैलेन्द्र की मौत की खबर उनके मित्रों तक पहुंच रही है वो दूर-दूर से अपने सहयोगी मित्र के घर मोहनकोट पहुंच रहे है। Post navigation कृषि उपज मंडी में लाकर बेचे अपनी फसले और उचित दाम ले : कलेक्टर किसान के खेत से बरामद हुआ यह दुल॔भ ” जीव”