झाबुआ। आदिवासी जनसमुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए एवं स्वच्छ भारत-नैतिक भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए धर्मरक्षक समिति द्वारा झाबुआ जन जागरण के लिए पदयात्रा 1 से 11 जनवरी तक आयोजित की जाएगी। यह पैदल यात्रा महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी प्रणवानंदजी सरस्वती के सानिध्य में मां माही नदी तट से मां अनास नदी तट तक दोपहर 12 बजे से प्रारंभ हो जाएगी। पदयात्रा का उद्देश्य आदिवासी जनसमुदाय सांस्कृतिक, पंरपराओं, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र भावना का संचार करना है।। यात्रा में समाज को जाग्रत किया जाएगा कि वह स्वच्छ, नैतिक व विकसित भारत का निर्माण करे। धर्मरक्षक समिति ने राष्ट्रनिर्माण के लिए सभी से इस पदयात्रा सपरिवार शामिल होकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करने की अपील की है। इस संबंध में झाबुआ के राजा कमलेेंद्रसिंह ने बताया कि धर्मरक्षक समिति के बैनर तले यह यात्रा 1 जनवरी से भाबरापाड़ा से प्रारंभ होकर रात को खाखरपाड़ा में पड़ाव करेगी व इसके बाद 2 जनवरी को रेलकोटड़ा सारंगी पहुंचेगी, यहां से 3 जनवरी को खामड़ीपाड़ा पेटलावद होते हुए 4 जनवरी को रायपुरिया-बन्नी पहुंचेगी और इसके बाद 5 जनवरी बोलासा-तारखेड़ी, 6 जनवरी को उमरकोट-झिरी में धर्मयात्रा का पड़ाव होगा। 7 जनवरी को झिरी से हेतु हुए यात्रा संदावा, बियाडाबरा, 8 जनवरी को रामा-कालीदेवी एवं रोटला में यात्रा का पड़ाव होगा। वहीं 9 जनवरी को रोटला से यात्रा झिरावदिया, पारा पहुंचेगी जहां यह काफिला यहां रात्रि में रुकेगा। वहीं 10 जनवरी को पारा-बड़लीपाड़ा-चारोलीपाड़ा पहुंची इसके बाद चारोलीपाड़ा में यात्रा का पड़ाव होगा। 11 जनवरी को चारोलीपाड़ा से यात्रा प्रारंभ होगी और झाबुआ पहुंचेगी यहां नगर भ्रमण कर यह विशाल यात्रा मां अनास नदी पर दर्शन के लिए पहुंचेगी। इसके पश्चात झाबुआ में 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर नगर में विराट धर्मसभा दोपहर 12 बजे रखी गई है। धर्मरक्षक समिति के वालसिंह मसानिया ने झाबुआ मेें होने वाली विशाल धर्मसभा में शामिल होने की अपील सभी धर्मप्रेमियों से की है। Post navigation पति की हत्या के आरोपीयों के पक्ष मे गवाही से किया इंकार तो तलवार से हमला सुसाइड के लिए उकसाने पर जितेंद्र-रामा के खिलाफ एफआईआर दर्ज